अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने दो साल पहले एफसी कॉलेज की एक छात्रा द्वारा फांसी लगाकर खुदकुशी करने पर चौथा मिल निवासी एवं जन स्वास्थ्य विभाग के जेई अजय कुमार को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी के चाचा कृष्ण को छेड़छाड़ के आरोप से बरी कर दिया। अदालत दोषी को सोमवार को सजा सुनाएगी। छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा था कि अजय शादी का झांसा देकर दो साल से रेप करता आ रहा है। वह दो बार गर्भवती हो चुकी है। छात्रा ने नामजद की शादी से दो दिन पहले जिंदगी खत्म की थी। एफसी कॉलेज प्रबंधन ने 18 मार्च 2016 को फोन पर पुलिस के कंट्रोल रूम में सूचना दी थी कि हॉस्टल के टॉयलेट में बीए प्रथम वर्ष की 24 साल की छात्रा की डेड बॉडी फंदे में लटक रही है। सिटी थाने के एसआई संदीप कुमार टीम समेत मौके पर पहुंचे थे और शव कब्जे में ले लिया था। छात्रा के पिता ने पुलिस को बयान देकर चौथा मिल निवासी जेई अजय कुमार को अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार बताया था। उसने कहा था कि मेरी बेटी ने मुझे कुछ दिन पहले बताया था कि अजय शादी का झांसा देकर दो साल से जबरदस्ती शारीरिक संबंध बना रहा है। वह उसे एक बार सालासर ले गया था। उसने रास्ते में एक होटल में पहली बार शारीरिक संबंध बनाए थे और एक मंदिर में ले जाकर उससे शादी की थी। छात्रा के पिता ने कहा था कि उसे पता चला है कि उसकी बेटी अजय से गर्भवती हुई थी। तब अजय ने दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया था। अजय ने उसकी बेटी को किराये का एक मकान दिलाया था। वह वहां भी उसकी बेटी से संबंध बनाता रहा। अजय ने उसकी बेटी से अब कहा कि वह शादी नहीं कर सकता। वह रखैल बनकर रह सकती है तो रह ले। इससे तंग आकर मेरी बेटी ने आत्महत्या की है। युवती ने नामजद की शादी से दो दिन पहले आत्महत्या की थी। सिटी थाना पुलिस ने अजय के खिलाफ दुष्कर्म करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने और उसके चाचा कृष्ण के खिलाफ छेड़छाड़ का केस दर्ज किया था। कृष्ण का नाम सुसाइड नोट के आधार पर शामिल किया गया था।
जेई ने पूछताछ में स्वीकारा था जुर्म
सिटी थाना पुलिस ने बाद में आरोपी अजय को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया था कि मृतका के साथ उसकी दो साल से दोस्ती थी। दो महीने उनकी फोन पर बातें होती रही। उसके बाद मैं एक दिन उसे एक मकान में ले गया था और उससे पहली बार संबंध बनाए थे। उसके बाद वह उसे हिसार के अलावा दिल्ली, सालासर और जयपुर ले गया था और उससे रेप किया था। वह दो बार गर्भवती हुई तो प्राइवेट तौर पर उसका गर्भपात करा दिया था।
पिता मुकरा, सुसाइड नोट बना जुर्म साबित होने का आधार
अदालत में चले ट्रायल के दौरान शिकायतकर्ता अपनी गवाही से मुकर गया। शुरुआत में वह आरोपी के खिलाफ गवाही देने की बात कहता था, लेकिन गवाही का समय आने तक उसके तेवर नर्म हो गए और वह अपने बयान से मुकर गया। इसके बावजूद जेई अजय कुमार को राहत नहीं मिली। छात्रा द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट अदालत में जुर्म साबित होने का मुख्य आधार बना। अदालत ने शिकायतकर्ता मुकरने के बावजूद नामजद को दोषी करार देकर सजा सुनाने के बारे में निर्णय सुरक्षित रख लिया।