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31 दिसंबर 2017 को हुआ था कम्युनिटी सेंटर में कार्यक्रम, नहीं हुई चार दिन बाद भी सफाई

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
स्वच्छता सर्वेक्षण के नाम पर स्वच्छता का पाठ पढ़ाने में लगा नगर निगम का स्टाफ पूरी तरह से फेल होता दिखाई दे रहा है। नगर निगम के कम्युनिटी सेंटरों में कूडे़ के ढे़र लगे हैं। कम्युनिटी सेंटर की हालात ऐसे हैं कि ये चौकीदारों के आवास बन गए हैं। इन चौकीदारों के आवास में बेसहारा पशु भी पेड़ों के नीचे सर्दी-गर्मी से बचने के लिए बैठे रहते हैं। सेक्टर 14 में बने कम्युनिटी सेंटर के हालात ऐसे ही हैं। ठीक ऐसे ही हालात शहर के सार्वजनिक टॉयलेट के हैं। दिल्ली रोड पर फव्वारा चौक से लेकर मटका चौक के बीच बने एकमात्र शौचालय पर ताला लगा है। निगम ने ये टॉयलेट वर्षों पहले गोद दिया था, मगर गोद लेने वाली फर्म इसकी देखरेख नहीं कर रही। दबाव में निगम अधिकारी न तो इसके साथ हुआ समझौता कैंसिल कर रहा है और न ही इसे मेनटेन करवा पा रहा है।
31 दिसंबर को था धार्मिक संस्था के नाम बुक, चार दिन बाद भी नहीं हुई सफाई
सेक्टर 14 का कम्युनिटी सेंटर 31 दिसंबर को धार्मिक संस्था के नाम बुक था। धार्मिक संस्था ने अपना कार्यक्रम करवा लिया। इसके बाद वहां चार दिन बाद भी सफाई नहीं हो पाई। कम्युनिटी सेंटर पूरी तरह से गंदगी से अटा पड़ा है। सेक्टर 14 के जागरूक नागरिक बुधवार सुबह वहां पहुंचे। उन्होंने मौके के हालात देखकर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाया है। रिटायर्ड बिजली अधिकारी सीबी गुप्ता ने कहा है कि शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम सर्वे के लिए कभी भी पहुंच सकती है मगर निगम के खुद के कम्युनिटी सेंटर में ऐसे हालात हैं। ऐसे में शहर को क्या अच्छी रैंकिंग मिलेगी।
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7 हजार 900 रुपये में होती है 24 घंटे की बुकिंग
नगर निगम व हुडा के कम्युनिटी सेंटरों से निगम को अच्छी इनकम हो रही है। हुडा के कम्युनिटी सेंटर बुकिंग के नाम पर निगम प्रति बुकिंग पर 7 हजार 900 रुपये लेता है। इसमें 900 रुपये जीएसटी के हैं। कुल राशि में से जिसमें से 2 हजार रुपये रिफंडेबल हैं ये सिक्योरिटी के हैं। हुडा सेक्टरों में निगम के पास 6 कम्युनिटी सेंटरों की देखरेख का जिम्मा है।
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परिवार सहित रहते हैं चौकीदार, सिक्योरिटी निकलवाने के नाम पर लेते हैं 700 रुपये
निगम के हुडा के सभी कम्युनिटी सेंटरों में चौकीदार परिवार सहित रह रहे हैं। निगम के रिकॉर्ड में इन्हें एक कमरा अलॉट है। मगर पूरे कम्युनिटी सेंटर पर इन्हीं का कब्जा है। बुकिंग के बाद कार्यक्रम आयोजक जब सिक्योरिटी निकलवाने के लिए आता है तो चौकीदार की रिपोर्ट करवानी होती है। इस रिपोर्ट को ओके करने के नाम पर चौकीदार बिना रसीद व अवैध तरीके से भ्रष्टाचार के नाम पर 700 रुपये ले रहे हैं।
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काठमंडी में फैली है गंदगी
पिछले साल स्वच्छता सर्वे की टीम ने काठमंडी का मुआयना किया था। इस बार अमर उजाला ने वीरवार को इस एरिया का निरीक्षण किया तो यहां कचरे के ढेर दिखाई दिए। कचरे के लिए डस्टबीन तक नहीं रखा गया। रोड के साथ ही खुले में पड़े कचरे में पशु घूमते रहते हैं।
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टॉयलेट पर लटका ताला
शहर के बीच क्रांतिमान पार्क के पास निगम की ओर से एक टॉयलेट बनाया गया है। पार्क में आने वाले लोग इस टॉयलेट का उपयोग करते थे। स्वच्छता सर्वे से पहले टॉयलेट को जांचने पहुंचे तो यहां गेट पर ही ताला मिला। निगम की ओर से लोगों को खुले में ही टॉयलेट को मजबूर किया जा रहा है।
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वर्जन
हम कम्युनिटी सेंटर की सफाई करके आयोजक को सौंपते हैं। उन्हें इसी हालात में हमें वापस सौंपना होता है। इसके तुरंत बाद सफाई नहीं होती तो आयोजक की गलती है। चार दिन से सेक्टर 14 के कम्युनिटी सेंटर में सफाई नहीं है इसकी जानकारी नहीं। सुबह करवा दी जाएगी। चौकीदार 700 रुपये लेते हैं इनकी कभी शिकायत नहीं आई।
- सतीश कुमार, बुकिंग इंचार्ज, कम्युनिटी सेंटर।
वर्जन
रात के समय टॉयलेट बंद जरूर होता है अगर दिन में बंद किया गया है तो इसे खुलवाएंगे। ये जनसुविधा के लिए है किसी की निजी प्रॉपर्टी नहीं।
- सुभाष चंद्र, सीएसआई निगम।

किसी भी समय आ सकती है स्वच्छता सर्वे टीम, कम्युनिटी सेंटर में सफाई नहीं, काठमंडी में लगे हैं कचरे के ढेर
स्वच्छता रैंकिंग में पिछड़ता दिखाई दे रहा निगम स्टाफ
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