अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा की मूक-बधिर स्कूल में दी गई 25 लाख की ग्रांट से स्टूडेंट्स के कमरों में टाइल बिछाने की बजाय प्रिंसिपल के रूम को चमकाने के मामले में सरकार ने जांच रिपोर्ट मांगी है। इसको लेकर एडीसी एएस मान ने निगम कार्यालय पहुंचकर इस मामले की पूरी रिपोर्ट ली है। उन्हें यह रिपोर्ट सरकार के पास भेजनी है। इस मामले के बाद नगर निगम कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है।
सांसद ने खुद किया था दौरा, की थी शिकायत
सांसद कुमारी सैलजा ने अनाज मंडी स्थित मूक-बधिर स्कूल में खुद काम का निरीक्षण किया था। उन्होंने अधिकारियों के इस काम पर आपत्ति जताई थी। इस काम के लिए ग्रांट का पैसा भिजवाया गया था, उसे प्रिंसिपल के कमरे को चमकाने में खर्च कर दिया गया। राज्यसभा सांसद ने सरकार को चिट्ठी लिखकर मामले की जांच के लिए कहा था।
इंचार्ज ने माना था, दूसरी जगह लगा दी टाइलें
मौके पर स्कूल के इंचार्ज सुरेंद्र शर्मा ने भी माना था कि ये टाइलें स्टूडेंट्स रूम में लगवाई जानी थीं, लेकिन अधिकारियों ने कहीं और लगवा दी।
ऐसे खुला था राज
मामले का राज तब खुला, जब सांसद के कार्यकर्ता निगम कार्यालय पहुंचकर काम से संबंधित एस्टिमेट मांग रहे थे। उन्होंने निगम के एमई अमित कौशिक से कार्यालय में पहुंचकर एस्टिमेट मांगा, लेकिन उन्होंने एस्टिमेट देने से इनकार कर दिया। कार्यकर्ताओं को इसी बात को लेकर शक हो गया। उन्होंने फिर किसी और माध्यम से इसकी जानकारी हासिल की और मामले का खुलासा किया।
एडीसी कार्यालय को करनी थी जांच
मामले में एडीसी कार्यालय को जांच करनी थी। इसी कार्यालय को ही सरकार को रिपोर्ट भेजनी थी। रिपोर्ट के संबंध में जब एडीसी निगम कार्यालय पहुंचे तो टेक्निकल टीम में हड़कंप मच गया। उन्होंने खुद एमई और जेई से बात कर इस काम से संबंधित सभी दस्तावेज और रिपोर्ट रिकॉर्ड की है।