अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय का दो दिवसीय वार्षिक कृषि मेला रबी 18-19 सितंबर को होगा। इसमें किसानों को आधुनिक तकनीकों के अलावा उत्तम बीज भी मिलेंगे। जैविक खेती पर किसानों को जानकारी दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आरएस हुड्डा ने बताया कि मेले का मुख्य विषय सतत कृषि विकास के लिए जैविक खेती होगा, जिसमें किसानों को जहरमुक्त खेती के साथ कृषि पैदावार और आमदनी बढ़ाने के बारे में जानकारियां दी जाएंगी। उन्होंने बताया मेले में कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभाग, सरकारी और गैर सरकारी एजेंसियां भाग लेंगी। कृषि, पशुपालन और ग्रामीण परिवेश से संबंधित उन्नत और उपयोगी टेक्नोलॉजी और उत्पाद प्रदर्शित करेंगी। उन्होंनेे बताया कि मेले में किसानों को रबी की फसलों और सब्जियों की विभिन्न उन्नत किस्मों के बीज, जैव उर्वरक और फलदार पौधों की नर्सरी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसके अतिरिक्त मेले में आए किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फॉर्म पर वैज्ञानिकों द्वारा उगाई गई खरीफ मौसम की फसलें और औषधीय फसलें, फार्म वानिकी, फलों और सब्जियों की अधिक पैदावार लेने के लिए उपयुक्त टेक्नोलॉजी के प्रदर्शन दिखाए जाएंगे। उनके अनुसार मेले में मिट्टी, सिंचाई जल और रोगी पौधों की वैज्ञानिक जांच के विशेष प्रबंध किए जाएंगे।
किसानों के लिए होगी फसल प्रतियोगिता
डॉ. आरएस हुड्डा ने बताया कि उमदा फसल का उत्पादन करने वाले किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए इस अवसर पर एक फसल प्रतियोगिता का आयोजन भी किया जाएगा। सह निदेशक डॉ. कृष्ण यादव ने बताया कि मेले में लगाई जाने वाली एग्रो इंडस्ट्रियल प्रदर्शनी को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्टॉल आवंटित किए जा रहे हैं।