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पति और मासूम बेटे ने नाजायज संबंध से तंग होकर की थी खुदकुशी, पत्नी व प्रेमी दोषी करार

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
एडीजे डीआर चालिया की अदालत ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने पर फतेहाबाद के गांव भिरड़ाना की सरोज और न्यू मॉडल टाउन के रघुबीर को दोषी करार दिया है। अदालत उनको सोमवार को सजा सुनाएगी। न्यू सुंदर नगर निवासी सुनील और उनके बेटे आर्यन ने पत्नी सरोज के नाजायज संबंध से तंग होकर खुदकुशी की थी। मृतक ने सुसाइड नोट लिखा था कि सरोज और रघुबीर में नाजायज संबंध हैं और दोनों को फांसी होनी चाहिए।
सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में 4 जून 2013 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार न्यू सुंदर नगर के सुनील की शादी घटना से 18 साल पहले गांव भिरड़ाना की सरोज के साथ हुई थी। दोनों के एक बेटा और एक बेटी हुए। 4 जून 2013 को न्यू सुंदर नगर के मकान में सुनील और उसका आठ साल का बेटा आर्यन जहरीला पदार्थ पीए मिले थे। अस्पताल में दोनों की मौत हो गई थी। न्यू सुंदर नगर के सोहन लाल ने पुलिस को बयान दिए थे कि 30 मई को सरोज दोनों बच्चों को लेकर मायके चली गई थी। मेरा बेटा सुनील दो जून को उसे लेने पहुंचा। सरोज ने आने से इनकार कर दिया। इस पर तीन जून को सुनील बेटे आर्यन को साथ लेकर आने लगा। फतेहाबाद आने पर सुनील बेटे के साथ खाना खाने एक होटल में गया। वहां आर्यन ने बताया था कि पापा ये तो वही होटल है, जिसमें मम्मी असैा हम चार दिन पहले अंकल रघुबीर के साथ रात को ठहरे थे। यह सुनकर सुनील दंग रह गया था। वह बेटे के साथ घर पहुंचा था और फिर बाप-बेटे ने जहर पीकर जान दे दी थी।
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सरोज और रघुबीर को किया था नामजद
सोहन लाल ने पुलिस को बयान दिए थे कि उसके बेटे सुनील और बहू सरोज की आपस में बनती नहीं थी। रघुबीर सरोज के भाइयों का धर्मभाई बना हुआ है। रघुबीर के सरोज के साथ नाजायज संबंध हैं। इसी से तंग होकर सुनील और आर्यन ने खुदकुशी की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के अधिवक्ता प्रवीर आर्य ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत उनको सोमवार को सजा सुनाएगी।

फतेहाबाद के गांव भिरड़ाना की निवासी है सरोज
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