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जिले में पहली बार 16 की मौत, 908 संक्रमित मिले

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जिला नागरिक अस्पताल में कोविड-19 ब्लॉक पर बिना फेस शील्ड के मरीज का सैंपल लेता स्वास्थ्य कर्मी। - फोटो : Hisar
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हिसार। जिले में पहली बार सोमवार को कोरोना संक्रमण से 16 संक्रमित मरीजों ने दम तोड़ दिया। यह अब तक की एक दिन में कोविड-19 से हुई मौतों की सबसे अधिक संख्या है।
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इनमें से 10 कोविड-19 मौत को स्वास्थ्य विभाग द्वारा पोर्टल पर अपडेट किया गया है और पांच संक्रमित मरीजों की रविवार रात को निजी अस्पतालों में मौत हुई है। इसके अलावा एक कोविड-19 मौत हांसी क्षेत्र में भी हुई है। विभाग के अनुसार अब तक कोविड-19 का कुल आंकड़ा 402 हो गया है। इसके अलावा नगर निगम प्रशासन द्वारा भी कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत कुल 16 शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। अभी तक विभाग द्वारा इनकी मौत को पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया है।
अब सोमवार को कोरोना आंकड़े में भी गिरावट आई है, जो मार्च के बाद लगातार तेजी के साथ रफ्तार पकड़ रहे थे। सोमवार को 908 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। जिले में सबसे अधिक रविवार को 940 केस मिले थे। इसे देखते हुए जिला नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड में 40 बेड की व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अब अस्पताल में कुल बेड की संख्या 100 हो गई है।
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इधर कोरोना के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत विभाग सैंपलिंग के लिए पुलिस की पीसीआर का इस्तेमाल कर सकता है। इस समय विभाग के पास सैंपलिंग बढ़ाने के लिए स्टाफ एवं आवागमन के लिए वाहनों की काफी कमी है। इसलिए पुलिस पीसीआर भी अब सैंपलिंग में काम ली जाएगी।
प्रसूति वार्ड को वार्ड 13 में किया शिफ्ट
अब जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा प्रसूति वार्ड को वार्ड 13 में शिफ्ट कर दिया गया है। इस वार्ड में संक्रमित गर्भवती महिलाओं को भी दाखिल किया जाएगा। फिलहाल दो गर्भवती दाखिल है। इसकी जगह आइसोलेशन वार्ड के लिए 40 बेड बढ़ाकर कुल 100 बेड कर दिए गए हैं। ऐसे में संक्रमण से बचाव के लिए प्रसूति वार्ड को अलग शिफ्ट किया गया है ताकि गर्भवती महिलाओं में संक्रमण न फैले।
निजी अस्पताल प्रशासन ने फिर बिना पैक किए भेजा शव
शहर के डाबड़ा चौक स्थित एक निजी अस्पताल प्रशासन द्वारा सोमवार को एक बार फिर कोविड-19 के मामले में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। निजी अस्पताल प्रशासन द्वारा कोविड-19 मरीज के शव को बिना पैक किए नगर निगम टीम को सौंप दिया गया। जब अंतिम संस्कार के लिए एंबुलेंस से उतरते समय पाया कि संक्रमित मरीज का शव बिना पैक किए हुए था। इस पर टीम ने अधिकारियों को अवगत करवा दिया है ताकि निजी अस्पताल प्रशासन द्वारा बरती जा रही लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके।
यह है मृतकों की हिस्ट्री
विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार मदनहेड़ी का 50 वर्षीय व्यक्ति, पाबड़ा का 63 वर्षीय बुजुर्ग, सातरोड़ की 48 वर्षीय महिला, विद्यानगर का 36 वर्षीय युवक, काली रावण का 72 वर्षीय बुजुर्ग, बरवाला की 37 वर्षीय महिला, बहबलपुर निवासी 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला, आजाद नगर की 58 वर्षीय महिला, गीता कॉलोनी का 45 वर्षीय व्यक्ति और खेड़ी जालब की 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला शामिल है। ये सभी मृतक अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में दाखिल थे। इनमें से 9 मरीज वेंटिलेटर पर उपचाराधीन थे और एक मौत होने के बाद संक्रमित मिला था। यह सभी मृतक शुगर, बीपी, सांस एवं निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे।
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