हिसार। प्रेम नगर धर्मशाला में अति पिछड़ा वर्ग अधिकार मंच द्वारा सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में अति पिछड़ा वर्ग को डिप्टी सीएम का पद देने और विधानसभा चुनाव में 29 टिकट देने की मांग उठाई गई। इसके लिए 28 जुलाई को हिसार के ही राजकीय कॉलेज मैदान में प्रदेशस्तरीय रैली करने का भी निर्णय लिया गया।
इसके अलावा पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने के लिए घरों में एक-एक पौधा लगाने का भी संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि उप मुख्यमंत्री पद के अलावा पांच मंत्री, दो कैबिनेट व 3 राज्यमंत्री तथा 33 प्रतिशत आबादी के अनुपात में 29 विधानसभा टिकटें दी जानी चाहिए। 33 प्रतिशत आबादी के अनुपात में प्रशासन के हर स्तर पर व एचपीएससी, एचएसएससी, बोर्ड व निगमों में भी इस वर्ग को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाए। प्रथम व द्वितीय श्रेणी की सरकारी नौकरियों व स्थानीय निकाय में 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। सरकारी नौकरियों में क्लास वन से लेकर क्लास चार अनुपात तक स्पेशल भर्ती के माध्यम से बैकलॉग पूरा किया जाए। अति पिछड़ों बीसीए को प्रमोशन में आरक्षण दिया जाए तथा बीसीए को अनुसूचित जाति के समतुल्य उच्च शिक्षा में तमाम सुविधाएं उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। अति पिछड़ा वर्ग के प्रत्येक परिवार को एक सरकारी नौकरी सुनिश्चित की जाए व प्रतियोगी परीक्षाएं जैसे आईएएस, एचसीएस, नीट व आईआईटी आदि की मुफ्त कोचिंग मुहैया करवाई जाए। इस दौरान सभी ने निर्णय लिया कि जो राजनीतिक दल इन मांगों को पूरा करेगा, अति पिछड़ा वर्ग उसी दल का आगामी विधानसभा चुनाव में साथ देगा। इस दौरान प्रस्ताव पारित किया गया कि मंच की 251 सदस्यीय एडहॉक कमेटी बनाई जाएगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में मंच अति पिछड़ा वर्ग के होनहार बच्चों को सम्मानित करेगा तथा जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए उन्हें गोद लिया जाएगा। इस मौके पर जगदीश मंढोलीवाला, राजेंद्र तवंर, राजेंद्र कुमार, राजपाल, प्यारेलाल, धर्मपाल तंवर, शंकुतला, जयभगवान, शेरसिंह प्रधान, चेयरमैन मामनचंद, महासचिव कृष्ण गंगवा सहित अनेक लोग उपस्थित थे।