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60 साल की उम्र में बिमला सांगवान जीत लाई दो गोल्ड मेडल

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हिसार। प्रतिभा के आगे उम्र कोई मायने नहीं रखती। यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। इसका ताजा उदाहरण सेक्टर-15 की रहने वाली बिमला सांगवान है। भले ही बिमला की उम्र 60 साल है, लेकिन आज भी उनकी प्रतिभा के आगे लोग दांतों तले उंगली दबा लेते हैं।
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गोवा में चल रही नेशनल वुमन मास्टर्स एथलेटिक चैंपियनशिप में बिमला ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लांग जंप और पांच किलोमीटर वॉक में गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। इससे पहले भी वह अनेकों मेडल हासिल कर देश का नाम रोशन कर चुकी है। बिमला फिलहाल चंडीगढ़ में पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट में एडवोकेट के पद पर कार्यरत हैं। इस प्रतियोगिता में बिमला ने 60 से 65 आयु वर्ग के बीच भाग लिया था।

यूं मिली खेलने की प्रेरणा
एथलेटिक खिलाड़ी बिमला ने बातचीत में बताया कि उन्हें खेलने की प्रेरणा अपनी बहन कृष्णा संपत सिंह से मिली है। बहन कृष्णा हॉकी इंडिया की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रह चुकी है। फिलहाल वह भी एथलेटिक खेल रही है। उन्होंने एथलेटिक में नेशनल स्तर पर कई गोल्ड मेडल हासिल किए हैं। बिमला ने बताया कि उनकी बहन कृष्णा सिंह हमेशा से उन्हें खेल में आगे बढ़ने की बात कहती है।
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हरियाणा से चार महिलाओं ने लिया था भाग
मास्टरर्स एथलेटिक एसोसिएशन के महासचिव चरणजीत सिंह झाझड़िया ने बताया कि इस प्रतियोगिता में हरियाणा से विभिन्न आयु वर्ग में चार महिलाओं ने भाग लिया था। इनमें हिसार से सिर्फ बिमला ही शामिल थी। इसके अलावा भिवानी से मंजू लता ने 45 से ऊपर आयु वर्ग में तार गोला फेंकने में रजत पदक, गुरुग्राम से अनीता नेहरा ने 50 से ऊपर आयु वर्ग में तार गोला फेंकने में कांस्य व चक्का फेंकने में रजत पदक हासिल किए हैं। इसी प्रकार हरियाणा पुलिस में मधुबन करनाल से यशवंती ने 40 से ऊपर आयु वर्ग में 400 मीटर बाधा दौड़ में गोल्ड मेडल जीता है।
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बिमला की उपलब्धियां
- 2017 में एसबीआई मैराथन में गोल्ड मेडल
- 2018 में एयरटेल इंडिया मैराथन में गोल्ड मेडल
- 2019 में आईडीबीआई मैराथन में गोल्ड मेडल
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