हिसार। आज हर क्षेत्र में बेटियां परचम लहरा रही हैं। चाहे शिक्षा की बात हो या फिर खेल की या अन्य कोई। हर क्षेत्र में बेटियों ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाई है। ऐसी ही हिसार की दो बेटियां इंदू सैनी और अज्जू खंडेलवाल है, जो नारी सशक्तीकरण की मिसाल बनी हुई हैं। दोनों हिसार की पहली ऐसी बेटियां हैं, जिन्होंने ऑटो और ट्रेन चलाने का साहस दिखाया है। अज्जू ऑटो चला रही है तो इंदू सैनी ट्रेन दौड़ा रही है। इन कार्यों को अब तक पुरुषों के काबिल ही माना गया है, लेकिन इन बेटियों ने दूसरी युवतियों के लिए भी उदाहरण पेश किया है।
इंदू भिवानी और बठिंडा रूट पर दौड़ा रही ट्रेन
महाबीर कॉलोनी की रहने वाली बेटी इंदू बीटेक पास है। फिलहाल वह हिसार से भिवानी और हिसार से बठिंडा रूट पर ट्रेन दौड़ा रही है। वहीं जब इंदू ट्रेन चलाने के लिए हरी झंडी दिखाती है तो देखने वाले लोग आश्चर्यचकित रह जाते हैं। पिता सुभाष सैनी हिसार कैंट में मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस विभाग में कार्यरत हैं। वहीं माता मैना देवी गृहणी है।
शुरू में लगता था डर, इतनी बड़ी जिम्मेदारी कैसे निभाऊंगी
इंदू सैनी ने बताया कि शुरू में उन्हें काफी डर लगता था कि इनती बड़ी जिम्मेदारी कैसे निभाऊंगी, लेकिन धीरे-धीरे सब डर निकल गया। साथ ही परिवार और स्टाफ के सदस्यों का सहयोग मिलता रहा तो आगे बढ़ती चली गई। शर्मा का कहना है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी कामयाबी हासिल की जा सकती है।
बाइक चलाने की शौकीन है अज्जू, अब ऑटो को बना लिया रोजगार
वहीं ऑटो चालक अज्जू का कहना है कि वह बाइक चलाने का काफी शौक रखती है, लेकिन कुछ समय बाद ही उसने ऑटो को अपना रोजगार बना लिया। आज वह बेझिझक होकर हिसार में ऑटो दौड़ा रही है। अज्जू का कहना है कि आज हर क्षेत्र में बेटियां अपनी पहचान बना रही हैं। यदि बेटियों को कोई बेहतर अवसर मिले तो हमें पीछे नहीं हटना चाहिए। अजू भी महाबीर कॉलोनी की रहने वाली है।
पिता हलवाई तो भाई चलाते हैं ऑटो
अज्जू के परिवार की हालात सामान्य है। पिता हलवाई का काम करते हैं तो दोनों भाई विनय और कौशल भी ऑटो चलाकर अपने परिवार का गुजारा कर रहे हैं। अज्जू हिसार की पहली ऐसी बेटी है तो ऑटो चला रही है। हालांकि अज्जू की उम्र मात्र 20 वर्ष है, लेकिन उसके हौसले को सभी सलाम करते हैं। वहीं हिसार की एक ऐसी महिला सुनीता भी है, जो ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही है।