हिसार। नगर निगम के डिप्टी म्यूनिसिपल कमिश्नर ने शहर में प्रॉपर्टी का सर्वे करने वाली एजेंसी को रोजाना रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। डीएमसी डॉ. पीके हुड्डा ने एजेंसी के अधिकारियों से कहा है कि जिस भी एरिया में जितनी भी प्रॉपर्टी का एक दिन में सर्वे किया जाता है, उसकी रिपोर्ट उसी दिन शाम तक निगम कार्यालय में जमा करवाई जाए, ताकि प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में भी उसका डाटा उपलब्ध रहे।
गौरतलब है कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से शहर में प्रॉपर्टी सर्वे के लिए जयपुर की कंपनी को टेंडर दिया गया है। कंपनी ने सेक्टर-14 से प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे शुरू भी कर दिया है।
50 हजार से अधिक नई प्रॉपर्टी जुड़ने की संभावना
फिलहाल नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार शहर में कामर्शियल से लेकर रिहायशी तक 1 लाख 36 हजार प्रॉपर्टीधारक हैं। नए सर्वे के बाद इनकी संख्या 1 लाख 80 हजार से अधिक तक पहुंचने की संभावना है। अगर शहर में 50 हजार नई प्रॉपर्टी सर्वे में जुड़ती है तो इससे निगम प्रशासन की आमदनी में इजाफा होगा। इनसे प्रॉपर्टी टैक्स से लेकर नक्शा सहित कई फीस ली जा सकेगी।
सर्वे शुरू करने के बाद नहीं दी कोई रिपोर्ट
निगम अधिकारियों की मानें तो सेक्टर 14 से सर्वे शुरू करने के बाद से अब तक एजेंसी की ओर से उन्हें कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। इस कारण उनके पास यह भी जानकारी नहीं आई है कि अब तक शहर के कितने क्षेत्रों में सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। इतना जरूर पता चला था कि सेक्टर 16-17 में भी सर्वे कार्य किया गया है।
एक साथ डाटा दिया तो कर्मचारियों को होगी दिक्कत
निगम अधिकारियों का मानना है कि अगर सर्वे एजेंसी एक साथ नई प्रॉपर्टी और उनके मालिकों का डाटा देगी तो उससे उन्हें डाटा वेरिफाई करने में दिक्कत आएगी। रोजाना मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर अगले दिन उसी अनुसार डाटा वेरिफाई करके अपने रिकॉर्ड में उसे चढ़ाया जा सकेगा।
ड्रोन के लिए अभी तक नहीं मिली अनुमति
शहर में प्रॉपर्टी का सर्वे ड्रोन के जरिये करने की भी एजेंसी द्वारा इच्छा जताई गई है, ताकि निष्पक्षता से काम हो सके, क्योंकि ड्रोन में पूरे शहर की स्पष्ट स्थिति आ जाएगी। ड्रोन की अनुमति देने के लिए जिला प्रशासन के पास आवेदन किया हुआ है। मगर अभी तक अनुमति नहीं मिली है। माना जा रहा है कि कैंट में सैन्य गतिविधि होने के कारण अभी तक ड्रोन की अनुमति नहीं दी गई है।
सर्वे करने वाली एजेंसी से रोजाना के सर्वे कार्य की उसी दिन शाम को रिपोर्ट देने के लिए कहा है, ताकि हम अपने स्तर पर भी डाटा जुटा सकें। एकदम से काम बढ़ने पर प्रक्रिया में गड़बड़ होने की गुंजाइश रह जाती है।
- डॉ. पीके हुड्डा, डीएमसी, नगर निगम