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गोद लिए गांव भिवानी रोहिल्ला में दूसरे स्थान पर रहे दुष्यंत चौटाला

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बालसमंद। जिले के गांव भिवानी रोहिल्ला को दुष्यंत चौटाला ने गोद लिया हुआ था। गांव को सांसद आदर्श गांव के नाम से जाना जाता था। इस लोकसभा चुनाव में दुष्यंत को स्वयं के गोद लिए गांव से भी हार का सामना करना पड़ा। इस गांव से भाजपा को सबसे अधिक 848 वोट मिले, जबकि जेजेपी उम्मीदवार दुष्यंत चौटाला को मात्र 533 वोट मिले हैं।
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गौरतलब है कि भिवानी रोहिल्ला गांव को दुष्यंत चौटाला ने वर्ष 2016 में गोद लिया था, लेकिन गांव आज भी विकास की बाट जोह रहा है। दुष्यंत द्वारा करवाए गए कार्यों से ग्रामीण संतुष्ट नहीं थे, इसलिए गोद लिए गांव में दुष्यंत चौटाला को हार का सामना करना पड़ा। गोद लिए इस गांव में बीजेपी को सर्वाधिक 848 वोट मिले, जबकि दुष्यंत को 533 और कांग्रेस को 505 वोट मिले हैं। गांव की हालत को देखकर लगता है कि गांव में अभी तक किसी प्रकार का कोई विकास नहीं हुआ है। गांव के चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गांव में अभी कई विकास कार्य करवाए जाने अधूरे हैं। ग्रामीण आज भी विकास होने की बाट जोह रहे हैं।

चार जुलाई 2016 को दुष्यंत ने लिया था गोद
भिवानी रोहिल्ला गांव को दुष्यंत चौटाला ने 4 जुलाई 2016 को गोद लिया था। उस समय दुष्यंत ने आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लेने का एलान किया था। दुष्यंत ने बारह खाप के ऐतिहासिक चबूतरे से गांव को गोद लिया और एक साल में देश में नंबर वन बनाने का एलान किया, लेकिन नंबर-वन तो दूर, विकास कार्य भी गांव में नहीं हो पाए।
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अभी इन कार्यों को पूरा करने की आवश्यकता
ग्रामीणों के अनुसार गांव में विकास कार्य करने के लिए सबसे पहले गांव की सफाई, गंदे पानी की निकासी, जोहड़ एवं तालाब की सफाई, हर घर को पेयजल लाइन, गांव की सभी गलियां पक्की करवाना, नए बस स्टैंड का निर्माण, छात्राओं के लिए विशेष बस सुविधा, बस स्टैंड पर शौचालय का निर्माण, व्यायामशाला, स्ट्रीट लाइट, खराब वाटर कूलर ठीक करवाना, खराब हाईमास्ट लाइटें ठीक करवाना, लाइब्रेरी, पेयजल और सिंचाई जल की समस्या दूर करवाना, पीएचसी सेंटर, कूड़ा कर्कट डालने का समाधान, गोबर गैस प्लांट सहित कई अन्य कार्य पूरा होने पर ही गांव का कुछ विकास संभव है।

सर्वसम्मति से चुनी गई थी महिला पंचायत
हरियाणा में पहली ऐसी पंचायत भिवानी रोहिल्ला ही थी, जो बिना चुनाव के चुनी गई थी। ग्रामीणों ने सहमति से ही सभी पंच और सरपंच महिलाओं को ही चुना गया। महिला सशक्तीकरण वाले इस गांव को दुष्यंत ने गोद लिया था।
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