हिसार। शहर में सड़क धंसने से लेकर जलभराव के मामलों में नगर निगम के जेई सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जा रहे हैं। चार जेई को पांच-पांच वार्ड की जिम्मेदारी होने के बाद भी ढंग से मॉनीटरिंग नहीं की गई। मनमर्जी से जेई काम करते रहे। जिन वार्डों की जिम्मेदारी है, उसकी बजाय दूसरे एरिया के काम में दिलचस्पी लेते रहे। खुद निगम के उच्चाधिकारियों ने माना है कि अगर जेई अपने अपने वार्ड के काम की नियमित रूप से मॉनीटरिंग करते तो सड़क धंसने की नौबत नहीं आती। सिर्फ ठेकेदारों के भरोसे काम छोड़कर निगम की फजीहत करवाई गई है। हालांकि अब मेयर और उच्चाधिकारियों द्वारा रिपोर्ट मांगने के बाद धंसी सड़कों को ठीक करवाने का काम तेजी से शुरू करवा दिया गया है।
दोबारा बनाना पड़ेगा सूर्य नगर की गली का एस्टिमेट
सूर्यनगर में धंसी गली नंबर आठ का एस्टिमेट नगर निगम प्रशासन को दोबारा बनाना पड़ेगा। जो गली धंसी है, वह सात से आठ साल पुरानी होने के कारण उसका गारंटी पीरियड खत्म हो गया है। अब इसका दोबारा एस्टिमेट बनाकर पूरी गली को ही दोबारा बनाना होगा। वार्ड नंबर 10 के पार्षद प्रतिनिधि ने इस संबंध में सोमवार को निगम अधिकारियों से मुलाकात भी की।
जवाहर नगर और 12 क्वार्टर रोड को ठीक करने का काम शुरू
इसके अलावा निगम अधिकारियों ने जवाहर नगर में पीली कोठी के पास की गली और 12 क्वार्टर रोड पर हाल ही में बनाई गई गली को ठीक करने का काम शुरू करवा दिया गया है। 12 क्वार्टर रोड में जहां से गली धंसी है, वहां से पूरी इंटरलॉकिंग टाइलों को उखाड़कर फिर से रोड़े बिछाकर टाइलों को लगवाया जाएगा। इन दोनों जगहों पर दोबारा से करवाए गए काम का भुगतान ठेकेदार को ही करना होगा।
हर रोज एक काम की भी मॉनीटरिंग करते तो भी ठीक रहते हालात
निगम के उच्चाधिकारियों का मानना है कि शहर में 20 वार्ड हैं। चार जेई को पांच-पांच वार्ड की जिम्मेदारी दी हुई हैं। एक जेई के एरिया में मुश्किल से चार से पांच काम इस समय चल रहे हैं। ऐसे में अगर जेई एक दिन में एक काम की भी मॉनीटरिंग करते हैं तो भी अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। अधिकारियों ने सभी जेई को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर समय रहते खामियों को दूर नहीं किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
16 मई को दी थी शिकायत अब तक नहीं हुआ समाधान
जहाजपुल स्कूल वाली गली में जलभराव की शिकायत पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने 16 मई को की थी। शिकायत देकर उन्होंने बताया था कि गली में बारिश का पानी भरने से एक हजार से भी अधिक बच्चों को परेशानी हो रही है। मगर पांच दिन बीतने के बाद भी वहां सुधार नहीं हुआ। जब जेई से पूछा गया तो बताया गया कि जीटी ब्लॉक है। इसके लिए जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखना होगा।
शहर की गलियों के धंसने के मामले में गंभीरता से जांच की जा रही है। फिलहाल खामियों को ठीक करने के लिए जेई को बोल दिया गया है। कहीं न कहीं कमी रही है, लेकिन उसमें सुधार किया जा रहा है।
- रामजीलाल, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम