अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल की अदालत ने सोमवार को ऋषि नगर निवासी प्रेम को पर्स छीनने का दोषी करार देते हुए पांच साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 379-ए के तहत दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
प्रीति नगर निवासी 23 वर्षीय राजकुमार ने 22 जनवरी 2018 को जीआरपी को दी शिकायत में बताया कि वारदात के दिन वह अपने दोस्त रेलवे कॉलोनी निवासी कन्हैया लाल के साथ अपनी बहन गीता और बहनोई घनश्याम को गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन में बैठाने रेलवे स्टेशन पर गया था। वे अपने घर उत्तरप्रदेश के जौनपुर जा रहे थे। वे रेलवे स्टेशन पर पुराना पार्सल दफ्तर के समीप खड़े ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। करीब सवा चार बजे ट्रेन स्टेशन पर आकर रुकी तो उसने अपनी बहन को विदाई के तौर पर पैसे देने के लिए जैसे ही अपना पर्स निकाला तो एक युवक वहां सवारियों के बीच खड़ा था, वह तेजी से आया और उसके हाथ से पर्स छीनकर फरार हो गया। शिकायतकर्ता के अनुसार उसने और उसके दोस्त कन्हैया ने उसका पीछा किया और चोर-चोर की आवाज लगाई। सामने से आ रहे एक थानेदार ने भागते हुए युवक को काबू कर लिया। लड़के की पहचान ऋषि नगर निवासी प्रेम के रूप में हुई। राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पर्स में 1650 रुपये नकद, आधार, कार्ड, पहचान पत्र, उसकी बाइक की आरसी, केनरा बैंक का डेबिट कार्ड था।
करीब सवा साल अदालत में चले इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल की अदालत ने प्रेम को भारतीय दंड संहिता की धारा 379-ए के तहत दोषी पाया और उसे 5 साल की कैद व 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई।