हिसार। बाड्या रोड पर गाड़ी लूटने की साजिश रच रहे तीन बदमाशों को स्पेशल स्टाफ ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अपराधियों मेें सुरजीत मंगाली भी शामिल है। सुरजीत पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं। सुरजीत 16 जुलाई को मंगाली में हुए महाबीर भादू मर्डर केस में भी आरोपी है। वह मर्डर के बाद से ही फरार चल रहा था।
जानकारी के अनुसार पुलिस को देर रात सूचना मिली कि बाड्या रोड पर एक सफेद गाड़ी में कुछ लोग वाहनों को लूटने की फिराक में है। सूचना के आधार पर स्पेशल स्टाफ की टीम तैयार की गई। टीम में एएसआई प्रेम कुमार, एएसआई संदीप, मनोज, विनोद व अजय को शामिल किया गया। स्पेशल टीम जब बालावास से बाड्या गांव की तरफ पहुंची तो आगे सड़क की साइड मेें बिना नंबर प्लेट की कार खड़ी दिखाई दी। जब वह थोड़ा आगे पहुंचे तो सफेद कार से दो युवक उतरकर आए और सड़क के बीच में खड़े हो गए। जैसे ही टीम की गाड़ी वहां पहुंची तो दोनों युवकों ने उनकी तरफ पिस्तौल तानकर उनको गाड़ी से बाहर आने को कहा। इसके बाद युवक टीम की गाड़ी के पास पहुंच गए। मगर जैसे ही उन्हें गाड़ी में पुलिसकर्मी दिखाई दिए तो वह वापस अपनी कार की तरफ भागने लगे, लेकिन इससे पहले कि वह कार तक पहुंच पाते एएसआई प्रेम कुमार व संदीप ने दोनों बदमाशों को काबू कर लिया और उनके हाथ से पिस्तौल छीन ली। मौके पर पुलिस टीम को देखकर कार सवार युवक ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने कार के आगे अपनी गाड़ी लगाकर सवार से चाबी छीन ली। पुलिस पूछताछ में पकड़ेे गए आरोपियों ने अपना नाम गांव मंगाली सुरतियां निवासी सुरजीत व अंकुश बताया। कार चलाने वाला रजत आदमपुर का निवासी है। पुलिस ने उनके पास से तीन अवैध पिस्तौल और आठ कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस को गाड़ी के बारे में अभी जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस के अनुसार यह कार भी इन्होंने किसी से छीनी है। फिलहाल पुलिस इस बारे में जांच कर रही है।
एक और मर्डर करने की रची थी साजिश
पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह एक और हत्या की साजिश रच रहे थे। इससे पहले की वह अपने इरादे में सफल हो पाते पुलिस टीम ने तीनों को दबोच लिया। यह तीनों किसके मर्डर की तैयारी कर रहे थे, फिलहाल इसका खुलासा पुलिस ने नहीं किया है।
कुख्यात अपराधी है सुरजीत मंगाली
मंगाली निवासी सुरजीत एच कुख्यात अपराधी है। वह हत्या, इरादा कत्ल, लूटपाट के कई संगीन मामलों में वांछित है। सुरजीत 16 जुलाई को गांव मंगाली के महाबीर भादू की हत्या के बाद से फरार था। 2001 में सुरजीत के पिता राममूर्ति, चाचा कृष्ण और दलीप की हत्या की गई थी, जिसमें महाबीर भी शामिल था। महाबीर सात साल की सजा काटकर जेल से बाहर आया था। सुरजीत ने साथियों के साथ मिलकर अपने पिता व चाचा की मौत का बदला लेने के लिए महाबीर को उसके घर के बाहर गोलियों से भून दिया था। इस हत्याकांड में सात के खिलाफ केस दर्ज है।