अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. पंकज की अदालत ने नारनौंद एरिया की एक किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के दोषी नरेश को 7 साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने पिछले वीरवार को आरोपी सोनू, मनीष और मुकेश को बरी करते हुए नरेश को दोषी करार दिया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुसार नारनौंद एरिया की 16 साल की एक किशोरी ने पुलिस को शिकायत देकर कहा था कि वह दसवीं कक्षा में पढ़ती है। वह रात को साढे़ दस बजे कमरे से निकलकर टॉयलेट गई थी। वहां पहले से नरेश छिपा हुआ था। इसके अलावा सोनू दरवाजे के पास खड़ा था। उन दोनों ने उसका मुंह दबा लिया और गली में ले गए। उन्होंने फोन कर मनीष और मुकेश को मौके पर बुला लिया था। चारों युवकों के पास दो बाइक थी। वे उसे बाइक पर श्मशान घाट में ले गए थे। उन्होंने उसका मुंह दबाया तो वह बेहोश हो गई थी। बाद में उसकी आंख खुली तो वह एक खाली प्लाट में पड़ी थी। वह बाद में लौटी थी। नारनौंद थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लड़की की मेडिकल जांच कराकर नामजद चारों युवकों के खिलाफ किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और गैंगरेप का केस दर्ज किया था। अदालत ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद पिछले वीरवार को नरेश को दोषी मानकर तीन आरोपियों को बरी कर दिया था।
किशोरी को फुसलाकर दुष्कर्म करने वाले को सात साल की कैद
- अदालत ने 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया