अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जीजेयू में युवा महोत्सव के दौरान शुक्रवार को भी माइक सिस्टम ने फिर से धोखा दिया। साउंड सिस्टम में कई बार दिक्कत आने के कारण कव्वाली को बीच में ही रोकना पड़ा। कई अन्य कार्यक्रम को भी बीच में रोकना पड़ा। युवाओं को अपनी 10 मिनट की कव्वाली को तीन बार प्रस्तुत करना पड़ा। माइक सिस्टम की खराबी के कारण कव्वाली के गायकों को सबसे अधिक परेशानी हुई। कॉलेज की टीम ने एक बार तो बहस करते हुए कार्यक्रम को छोड़कर जाने का एलान कर दिया। आयोजकों ने किसी तरह से मनाया। इसके बाद फिर से कार्यक्रम शुरू किया गया। माइक खराब होने पर युवाओं ने काफी देर तक हूटिंग कर विरोध जताया।
रीति-रिवाज में सभी परंपराओं को दिखाया
युुवा महोत्सव में रीति रिवाज कार्यक्रम में सभी परंपराओं को दिखाया गया। जिसमें दूल्हे का बान बैठना, तेल चढ़ाना, बारात के बाद खोडिया, कुंआ पूजन, सगाई की रस्म दिखाई गई।
संस्कृत नाटकों को दर्शकों का टोटा
संस्कृत नाटक के वन एक्ट प्ले में टीमों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। इन नाटकों को दर्शकों की कमी खलती रही। निर्णायक टीमों के अलावा कुछ अन्य कलाकार ही दर्शक के तौर पर उपस्थित थे।
हरियाणवी समूह नृत्य में हूटिंग
युवा महोत्सव के तीसरे दिन ग्रुप सांग हरियाणवीं ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। प्रतिभागियों ने जहां अपनी कला का प्रदर्शन किया। दर्शकों ने कार्यक्रमों का आनंद लिया। इन डांस पर युवाओं ने सबसे अधिक हूटिंग की।
आर्केस्ट्रा के अलावा सांग भी पसंद आए
कार्यक्रम में इंडियन क्लासिक्ल आर्केस्ट्रा तथा सांग आयोजित किए गए। सांग के कलाकारों को भी साउंड सिस्टम के कारण दिक्कतें रही। युवा कल्याण निदेशक अजीत सिंह ने बताया कि वन एक्ट प्ले संस्कृत में विश्वविद्यालय व विभिन्न महाविद्यालयों की 5 टीमों ने भाग लिया। सांग में दो टीम पहुंची। कव्वाली के लिए तीन टीमें आई।
क्विज में 10 कॉलेजों की प्रस्तुति
हॉल नंबर एक से तीन में क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विश्वविद्यालय सहित विभिन्न महाविद्यालयों से 10 टीमों ने भाग लिया। शिक्षण खंड चार के सेमिनार हॉल में चले ग्रुप सांग हरियाणवी में 10 टीमों ने भाग लिया।
सुनीता दुग्गल होंगे मुख्यातिथि
छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. हरभजन बंसल ने बताया कि 7वें युवा महोत्सव के समापन समारोह का आयोजन 4 नवंबर को दोपहर 2 बजे चौधरी रणबीर सिंह सभागार के मेन हॉल में होगा। अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्षा सुनीता दुग्गल मुख्यातिथि होंगी। अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार करेंगे।