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देश के सबसे ऊंचे खारदूंगला रोड पर जीत बूरा ने बनाया रिकॉर्ड

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हिसार।
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वर्ल्ड के दूसरे सबसे ऊंचे मोटरेबल रोड पर बाइक से सबसे कम आयु के जीत बूरा ने बाइक चलाकर रिकॉर्ड बनाया है। आस्ट्रेलिया में इंजीनियरिंग कर रहे 19 वर्षीय स्टूडेंट ने देश के दुर्गम हिस्सों को करीब से देखा। अर्बन एस्टेट निवासी बिजनेसमैन अनिल बूरा के बेटे जीत बूरा आस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में इंजीनियरिंग में फर्स्ट ईयर कर रहे हैं। इस युवा ने जिले का सबसे कम आयु का युवा होकर भारत के सबसे ऊंचे मोटरेबल रोड पर बाइक चलाने का रिकॉर्ड बनाया। जीत बूरा और अभिनव शर्मा पेंगोंग झील पहुंचे। इस झील का 40 किलोमीटर क्षेत्र भारत में, 100 किलोमीटर चीन में है। इसके बाद यह दोनों 18380 फीट स्थित विश्व के दूसरे और भारत के सबसे ऊंचे मोटरेबल रोड पर पहुंचे। युवाओं ने पूरे साल बर्फ से ढके रहने वाले हुंदर गांव का दृश्य भी देखा। यहां पहाड़ी पर बर्फ और नीचे रेतीला एरिया है। यहां अलग प्रजाति के ऊंट भी हैं।
आस्ट्रेलिया से भी आते हैं छात्र
जीत ने बताया कि उन्होंने आस्ट्रेलिया के कुछ हिस्से देखे हैं। वहां सभी मेनमेड है। देश के हिमालय का एरिया प्राकृतिक रोमांच से भरा हुआ है। आस्ट्रेलिया से भी काफी स्टूडेंट हिमालय के इन हिस्सों को देखने आते हैं।
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ऑक्सीजन की कमी से बिगड़ी तबीयत
युवाओं ने अपने अनुभव बताया कि सबसे ऊंचे रोड पर बाइक चलाते समय ऑक्सीजन की कमी महसूस होने पर तबीयत बिगड़ गई थी। अभिनव शर्मा को सिरदर्द हो गया। कई घंटों बाद हालत सामान्य हुई।
मौत को करीब से देखा
जीत बूरा ने बताया कि जहां से गुजरे, वहां दो जगह लैंड स्लाइड हुआ। यहां इसके बीच से ही बाइक निकालनी पड़ी। बाइक का हैंडल ढीला हो गया। ब्रेक फेल होने पर करीब 150 किलोमीटर फ्रंट ब्रेक से चलाई। यहां जरा सी असावधानी का मतलब मौत था।
सबसे कम उम्र में पहुंचकर बनाया रिकॉर्ड
हिसार से हिमालय पर कुछ युवा पहले भी गए हैं। इनमें 19 का युवा कोई नहीं गया है। जीत ने कुछ समय पहले ही अपना लर्नर लाइसेंस बनवाया था। इस लाइसेंस को लेकर ही दुर्गम चोटियों का रोमांचक-साहसिक सफर किया। इन एरिया में जाने के लिए पास बनाया जाता है। जहां पूरे देश का रिकॉर्ड रहता है।
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पिता से मिली प्रेरणा
जीत ने बताया कि उसे अपने पिता से प्रेरणा मिली। पिता अनिल बूरा छह बार बद्रीनाथ, लाहौल स्पीति, हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर में देश का आखिरी गांव तुुरतुक देखने गए थे। एक बार पिता के साथ गए थे। 19वें साल में प्रवेश करने पर खुद ही जाने का फैसला लिया।

फोटो 34 और 35 में से एक
19 की उम्र में दुर्गम रोड पर चलाई बाइक
आस्ट्रेलिया में कर रहा इंजीनियरिंग की पढ़ाई
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