अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम हाउस ने हिसार में प्रस्तावित इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए साढ़े 23 एकड़ जमीन सिविल एविएशन को देने के लिए मुहर लगा दी है। निगम हाउस ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है, लेकिन इस जमीन से मिलने वाले पैसे को वेतन और ऑफिस खर्च में खत्म न करके गो अभयारण्य पर खर्च करने की शर्त रखी गई है। हाउस की बैठक में सभी पार्षदों ने कहा कि जमीन देने में हमें जरा भी आपत्ति नहीं, लेकिन इस जमीन से मिलने वाली राशि का सही यूज किया जाना चाहिए। इस पर अधिकारियों ने सहमति जताई है।
ये जमीन हुई स्थानांतरित
अधिकारियों ने हाउस की बुलाई आपात बैठक में प्रस्ताव रखा कि पशु डेयरियां स्थापित करने के लिए निगम ने जो जमीन पहले चिह्नित की थी, वही 24 एकड़ 4 कनाल जमीन ही सिविल एविएशन डिपार्टमेंट को क्लक्टर रेट पर दी जाएगी। यहां पशु डेयरियां इसलिए नहीं बनाई जा सकीं, क्योंकि यह जमीन वर्ष 2021 के विकास प्लान के तहत पब्लिक एंड सेमी पब्लिक रिहायशी एवं स्पेशल जोन है।
कहां गए डंपिंग स्टेशन की जमीन वाले दो करोड़ रुपये
हाउस में बैठे पार्षद नरेंद्र शर्मा ने मामला उठाया कि पहले नगर निगम की डंपिंग स्टेशन की जमीन का कुछ हिस्सा नेशनल हाईवे ने लिया था। इसकी निगम को करीब दो करोड़ रुपये की पेमेंट मिली थी। हाउस को ये बताया जाए कि आखिर वे दो करोड़ रुपये गए कहां। ये पैसा भी आप लोगों ने वेतन में खर्च कर दिया। अगर ऐसा ही होता रहा तो फिर क्या फायदा। इस पैसे को कहीं विकास कार्य में लगाओ या फिर जीएलएफ से इसके बदले में कोई और जमीन खरीद लो।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में मेयर शकुंतला राजलीवाला, डिप्टी मेयर भीम महाजन, शालू दीवान, सरोज खटाणा, प्रीतम सैनी, नरेंद्र शर्मा, कर्मबीर ढिल्लो, टीनू जैन, मास्टर प्रह्लाद सिंह, बीजेपी के तीन मनोनीत पार्षद सुरेश कुमार धूपवाला, कृष्ण खटाणा व सुनील वर्मा सहित नगर निगम की तरफ से कमिश्नर अशोक बंसल, ईओ इंद्रजीत कुल्हड़िया, एमई प्रवीन कुमार, जेई आरडी शर्मा, लैंड ऑफिसर प्रवीन बैनीवाल आदि मौजूद थे।
-मेयर और पार्षदों ने कहा, जमीन देने का प्रस्ताव तो पास कर देंगे, लेकिन खर्च करना होगा ढंढूर स्थित निर्माणाधीन गो अभयारण्य में