अमर उजाला ब्यूूरो
हिसार। महाबीर स्टेडियम में अभ्यास करने वाले एथलेटिक्स खिलाड़ियों के अलावा सैर के लिए आने वाले और दौड़ लगाने वाले शहरवासी सावधान रहें। पूरे एथलेटिक्स मैदान में लोहे की कीलें, लोहे की नुकीली पत्तियां और तार बिखरे पड़े हैं। मामूली सी चूक हुई तो पैर में गंभीर चोट भी लग सकती है। पिछले महीने हुई कबड्डी प्रतियोगिता के समापन के बाद कबड्डी फेडरेशन व खेल विभाग की लापरवाही तथा ढुलमुल रवैये के कारण अब तक मैदान की सफाई नहीं हो पाई है। प्रतियोगिता में पांच करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन समापन के बाद सफाई व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। नतीजतन, पिछले 16 दिनों से खिलाड़ी अभ्यास भी नहीं कर पा रहे हैं।
गौरतलब है कि 20 से 22 फरवरी तक महाबीर स्टेडियम के एथलेटिक्स मैदान में पांच करोड़ की लागत से राष्ट्रीय स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। इसके लिए 15 फरवरी को ही टेंट लगना शुरू हुआ था। 23 फरवरी को टेंट मालिक ने टेंट उखाड़ना शुरू किया, जो तीन मार्च की रात तक उखाड़ा गया। ऐसे में महाबीर स्टेडियम में अभ्यास करने वाले एथलेटिक्स के 100 से ज्यादा खिलाड़ी 16 दिन अभ्यास नहीं कर पाए। इन 100 खिलाड़ियों को राजकीय महाविद्यालय या एचएयू के गिरी सेंटर में अभ्यास करना पड़ा। फिलहाल भी महाबीर स्टेडियम एथलेटिक्स मैदान अभ्यास करने के लायक नहीं है।
करीब 250 खिलाड़ी हो रहे परेशान
महाबीर स्टेडियम के एथलेटिक्स ग्राउंड में रोजाना 100 से अधिक खिलाड़ी अभ्यास करने आते हैं। इतने ही युवा पुलिस और आर्मी भर्ती की तैयारी करने के लिए आते हैं। वहीं 50 से अधिक शहरवासी नियमित दौड़ लगाने स्टेडियम पहुंचते हैं। मैदान में फैली लोहे की कीलों व अन्य नुकीली धातुओं के कारण इन सबका अभ्यास प्रभावित हो रहा है। मैदान में लोहे की कील व नुकीली पत्तियों के अलावा गड्ढे भी बने हुए हैं, जिनसे खिलाड़ियों के पैर मेें चोट लगने का खतरा बना हुआ है। मैदान में जगह-जगह गंदगी भी फैली हुई है।
कबड्डी फेडरेशन के इवेंट प्रबंधक व इंचार्ज को इसके बारे में अवगत करवा दिया है। जल्द ही एथलेटिक्स मैदान की पूरी तरह सफाई करवा दी जाएगी, ताकि हमारे स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
- सतपाल ढांडा, जिला खेल अधिकारी।