फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों के खिलाफ सुबूतों के साथ आएंगे पार्षद

विज्ञापन
विज्ञापन
आज निगम कार्यालय में प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों के खिलाफ सुबूतों के साथ आएंगे पार्षद
विज्ञापन

हिसार। नगर निगम कार्यालय में सोमवार को हंगामा होने के आसार हैं। एक तरफ जहां कर्मचारी पार्षद से माफी मांगने की मांग करते हुए प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच पर ताला जड़ेंगे, वहीं पार्षद ब्रांच के कर्मचारियों के खिलाफ सुबूतों के साथ निगम कार्यालय आएंगे। ब्रांच के कई कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगने का तथ्यों के साथ भंडाफोड़ भी करेंगे। ऐसे में दोनों पक्षों में विवाद होने की आशंका भी बनी हुई है।
हालांकि रविवार को छुट्टी होने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कामकाज हुआ। कर्मचारी व अधिकारी पुरानी फाइलों का निपटान करते रहे। ब्रांच प्रभारी द्वारा पुरानी फाइलों की स्टेटस रिपोर्ट भी उच्च अधिकारियों व पार्षदों के समक्ष रखी जाएगी।
विज्ञापन

अपने साथ वार्डवासियों को भी लेकर जाएंगे पार्षद
कई पार्षदों ने अपने वार्डवासियों को भी सुबह नगर निगम कार्यालय में बुलाया है। इन पार्षदों द्वारा रिश्वत मांगने वाले प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों की सबके सामने पोल खोली जाएगी, ताकि सबके सामने सच्चाई आ सके। पार्षदों की ओर से कुछ ऐसे शहरवासियों को भी बुलाया गया है, जिनसे ब्रांच के कर्मचारियों ने बिल ठीक करवाने के नाम पर रिश्वत मांगी है।
पार्षदों का आरोप- ब्रांच कर्मचारी गलतियों को छुपाने के लिए बना रहे मुद्दा
पार्षदों का कहना है कि प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारी अपनी गलतियों को छुपाने के लिए माफी मांगने का मुद्दा बना रहे हैं। सच्चाई यह है कि ब्रांच में कई कर्मचारी ऐसेे हैं, जो सामान्य नागरिकों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक से अभद्र तरीके से व्यवहार करते हैं।

बैंक कॉलोनी निवासी शंकर मल्होत्रा ने लगाए हैं 10 हजार रुपये मांगने का आरोप
बैंक कॉलोनी निवासी शंकरलाल मल्होत्रा ने भी प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के एक कर्मचारी पर उसका बिल ठीक करने के लिए 10 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। शंकरलाल के अनुसार करीब नौ महीने पहले उसकी 200 गज की बिल्डिंग को 4 हजार गज की दर्शाकर 3 लाख 31 हजार रुपये का बिल भेज दिया गया। वह अब बिल ठीक करवाने के लिए नौ महीने से चक्कर काट रहा है। इसकी शिकायत उसने मेयर से लेकर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन और मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी की है। मल्होत्रा का कहना है कि पिछले ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर यादव के हस्तक्षेप के बाद बिल में एरिया संबंधी गलती को ठीक किया गया। मगर फिर भी 30 हजार रुपये बिल भेजा गया, जबकि उसकी बिल्डिंग का सालाना बिल मात्र नौ हजार रुपये बनता है।
पटेल नगर में निगम से ली दुकान को ही गायब कर दिया
पटेल नगर निवासी मनोहर लाल ने नगर निगम की 22 नंबर दुकान 1996 में खरीदी थी है। पहले उसके नाम से प्रॉपर्टी टैक्स आता रहा। मगर अब उसकी दुकान ही गायब कर दी गई है। दिसंबर 2013 में जब नई टैक्स नीति लागू हुई तो किसी राजेश कुमार नामक व्यक्ति के नाम से प्रॉपर्टी दर्शा दी गई। उन्होंने दोबारा 21 जनवरी को शिकायत दी थी। मगर अभी तक उनका कोई समाधान नहीं हुआ। वह बार-बार चक्कर काट रहे हैं।
54 गज का प्लॉट 620 गज का दिखाया
गीता कॉलोनी आजाद नगर निवासी राजू धोबी भी प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कर्मचारियों द्वारा की गई गलती को भुगत रहा है। उसने 54 गज के प्लॉट पर घर बनाया हुआ है। हर साल उसका 240 रुपये का बिल आता है, जिसको वह समय पर भर रहा है। हर साल की रसीद भी उसके पास है। मगर इस बार उसके घर को 620 गज का दर्शाकर 1800 से ज्यादा रुपये का बिल भेजा हुआ है। वह भी बिल ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहा है।
वर्जन
प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं, जो पहले गलत बिल भिजवाते हैं। फिर बिल ठीक करवाने के नाम पर प्रॉपर्टी धारकों से रिश्वत मांगते हैं। हमने कई सुबूत इकट्ठे किए हैं, जो सोमवार को निगम कमिश्नर और मेयर के सामने भी रखेंगे।
- अमित ग्रोवर, पार्षद, वार्ड नंबर 14
प्रॉपर्टी टैक्स में ऐसे कर्मचारी बिठा रखे हैं, जिनको काम की जरा सी भी समझ नहीं है। इस कारण आम जनता की परेशानी बढ़ी हुई है। गलत बिलों का ढेर लगा हुआ है। कर्मचारी विवाद करने के बजाय पार्षदों का सम्मान करना सीखें।
विज्ञापन

- डॉ. महेंद्र जुनेजा, पार्षद, वार्ड नंबर 17
छोटे प्लॉटधारकों को भी हजारों रुपये के बिल भेजे हुए हैं। हर रोज लोग बिलों को ठीक करवाने के लिए चक्कर काट रहे हैं। कर्मचारी पहले लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
- नरेंद्र शर्मा, पार्षद, वार्ड नंबर 19
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें