अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। बहबलपुर में डीसी के दरबार में अपनी आवाज उठाने वाली छात्रा के मामले में जिला प्रशासन ने जांच शुरू की। इसमें पाया गया कि छात्रा ने कंफ्यूजन में कुछ गलत जानकारी दे दी थी। छात्रा जेवरा में नहीं बहबलपुर में दाखिला लेना चाहती थी। इस बारे में दस दिन में पूरी रिपोर्ट दी जाएगी।
गांव बहलपुर में मंगलवार शाम डीसी अशोक मीणा ने खुला दरबार लगाया था, जिसमें जेवरा की छात्रा ने कहा था कि वह दाखिला लेने गई तो प्रिंसिपल ने कहा कि तेरा कैरेक्टर लूज है। तुझे दाखिला नहीं मिलेगा। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए गए थे। प्राथमिक जांच में पाया गया कि छात्रा जेवरा नहीं बहबलपुर स्कूल में दाखिला लेने आई थी। जेवरा में केवल दसवीं तक का स्कूल है। छात्रा कंफ्यूजन में बहबलपुर स्कूल का नाम बताने की बजाय जेवरा बताकर चली गई। अब शिक्षा विभाग की जांच टीम बहबलपुर की प्रिंसिपल से उनके बयान दर्ज करेगी। बहबलपुर स्कूल में प्रिंसिपल महिला ही हैं, जिन पर यह गंभीर आरोप लगे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से दस दिन में रिपोर्ट आने की उम्मीद है।
जांच में शामिल होंगे सभी पहलू
जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत सहरावत ने कहा कि जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट डीसी को भेजी जाएगी। जांच में सभी पक्षों व पहलुुओं को शामिल किया जाएगा।
रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कह सकेंगे : एडीसी
एडीसी एएस मान ने कहा कि अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर मामला है। किसी बेटी को इस तरह से नहीं कहा जा सकता। किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी बेहद गलत है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे कुछ कह सकेंगे।