अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला (हिसार)।
शहर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नहर कोठी की बिल्डिंग बी टू में बने परीक्षा केंद्र में सोमवार को 12वीं के स्टूडेंट्स को 10वीं की उत्तर पुस्तिकाएं थमा दीं। करीब एक घंटा तक 60 विद्यार्थी इन्हीं उत्तर पुस्तिकाओं पर जवाब लिखते रहे। केंद्र पर तैनात केंद्र अधीक्षक और सुपरवाइजर को जब स्टूडेंट्स ने गलती का अहसास करवाया तो पहले वाली उत्तर पुस्तिकाएं लेकर उन्हें 12वीं की उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध करवा दीं। गणित की परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं को दोबारा से अपने जवाब नई उत्तर पुस्तिकाओं पर लिखने पड़े। इसके चलते विद्यार्थी अपना पूरा पेपर हल ही नहीं कर पाए। इसके चलते कुछ स्टूडेंट्स को जहां एग्जाम में फेल होने का डर सता रहा है, वहीं कुछ को मेरिट सूची में शामिल नहीं होने का अंदेशा है। 12वीं कक्षा के छात्र विकास, रोबिन, साहिल, दीपक, रवि, दिनेश, तरसेम, विक्रम, रविना, ममता, प्रीति, निशा, रीना, सुमन आदि ने बताया कि सोमवार को उनका गणित का पेपर था। जब दोपहर को 12:30 बजे परीक्षा शुरू हुई तो केंद्र पर नियुक्त स्टाफ ने उन्हें दसवीं की उत्तर पुस्तिकाएं थमा दीं। ऐसे में छात्र भी इस बात से अंजान थे कि उत्तर पुस्तिकाएं दसवीं की हैं।
ऐसे आया पकड़ में मामला
परीक्षा शुरू हुए एक घंटा बीत चुका था। इस बीच एक बच्चे की उत्तर पुस्तिका भर गई और उस छात्र ने वहां मौजूद ड्यूटी दे रहे अध्यापक से दूसरी उत्तर पुस्तिका मांगी तो अध्यापक हैरान हो गया कि 24 पेज की उत्तर पुस्तिका इतनी जल्दी कैसे भर दी। तब उस अध्यापक ने उत्तर पुस्तिका को जांचा तो वह दसवीं की निकली। 12वीं के लिए तय की गई उत्तर पुस्तिका में पृष्ठों की संख्या 32 होती है। मीडिया को बताने तो भुगतना पड़ेगा अंजाम
इस लापरवाही पर विद्यार्थियों ने एतराज जताया। आनन-फानन में बच्चों की उत्तर पुस्तिकाएं यह कहकर बदल दीं कि उन्हें इतना ही अतिरिक्त समय दे दिया जाएगा, लेकिन परीक्षा के समाप्त होने के समय पर उन छात्रों को मात्र सात मिनट ही अतिरिक्त दिया गया। इस बाबत बच्चों ने उन्हें मीडिया में बात करने की बात कही तो उल्टे बच्चों को स्टाफ द्वारा धमकी दी गई कि यदि किसी से इस संबंध में बात की तो अगले पेपर में इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। मामले के संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि इस बारे उन्हें कोई शिकायत मिलेगी तो वे उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएंगे।