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नकल रोकने के नाम पर जूते उतरवाए, जमीन पर बिना दरी के बैठाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
नकल रहित परीक्षा कराने के नाम पर जिले के कई स्कूलों ने ड्यूटी कर्मियों ने बच्चों के जूते उतरवा लिए। कुछ स्कूलों ने बच्चों को बैंच की बजाए बगैर दरी या टाट के जमीन पर बैठा दिया। डीसी ने भी कई स्कूलों को दौरा कर स्थिति जानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की 12वीं कक्षा की परीक्षा के पहले दिन ही ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में जमकर नकल हुई। अलग-अलग स्कूलों में उड़नदस्तों ने पहले दिन 18 विद्यार्थियों के केस बनाए गए हैं।
पहले दिन अंग्रेजी के पेपर में नकल रहित परीक्षा के नाम पर स्टूडेंट को खूब परेशानी सहनी पड़ी। हरजीराम हिंदू हाई स्कूल में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का केंद्र था। यहां बच्चों के जूते उतरवा लिए गए। छात्रों को अपने सामने और साइड में जूते रखकर परीक्षा देनी पड़ी। परीक्षा में नकल रोकने के नाम पर छात्रों को बैठने के लिए दरी तक उपलब्ध नहीं कराई गई।
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पहले दिन 18 केस बने
बोर्ड की परीक्षा में करीब अंग्रेजी का पेपर देने के लिए करीब 18294 विद्यार्थियों को परीक्षा देनी थी। इसके लिए जिले में 138 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिसमें 47 परीक्षा केंद्रों पर जांच की गई। पहले दिन 18 छात्रों को नकल करते पकड़ उनका केस बनाया गया

डीसी फ्लाइंग ने बनाए दो केस
डीसी अशोक कुमार मीणा खुद परीक्षा केंद्रों की स्थिति जांचने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने जाट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र को जांचा। यहां एक स्टूडेंट का नकल करते पाए जाने पर केस बनाया गया। इसके बाद गंगवा राजकीय स्कूल में जांच की। यहां भी एक विद्यार्थी का केस बनाया गया।

सरपंच ने पंचों के साथ मिलकर रोकी नकल
नारनौंद के गांव मिर्चपुर में ग्राम पंचायतों ने नकल रोकने में विशेष अभियान चलाया। ग्राम पंचायत का पूर्ण सहयोग रहा। पंचायत की तरफ से पहले ही लोगों को संदेश दे दिया गया था कि परीक्षा के समय स्कूल के आसपास कोई भी ग्रामीण न जाए। परीक्षा शुरू हुई तो गांव के सरपंच सत्यवान उर्फ सत्तु अपने पंचों सहित परीक्षा केन्द्र के बाहर खड़े हो गए। असामाजिक तत्व को वहां पर नहीं भटकने दिया।

पुलिस बल की कमी से हुई दिक्कत
बरवाला में छात्रों के सहयोगियों द्वारा छात्रों तक नकल पहुंचाने वालों ने सारी हदें पार कर दी। सिविल अस्पताल मार्ग पर स्थित सीबीसी स्कूल में दूसरी मंजिल पर बने परीक्षा केंद्र में खिड़कियों से कई युवक नकल डालते नजर आए। खंड शिक्षा अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि पुलिस बल की कमी के चलते कुछ स्थानों पर दिक्कत आई है।
फोटो मिक्सिंग करवाकर दूसरों की जगह दी परीक्षा
नारनौंद में कुछ छात्रों ने बोर्ड की ओर से जारी रोल नंबर स्लिप पर मिक्सिंग का फोटो चस्पा किया। जिसमें आधा चेहरा परीक्षा देने वाले का तथा आधा चेहरा विद्यार्थी का होता है। कंप्यूटर के जरिये दोनों चेहरों को मिलाकर एक चेहरा बनाया जाता है। इसमें दोनों की आधी आधी शक्ल मिलती है। आरोप है कि कुछ स्टूडेंट ने ऐसे मिक्सिंग वाले फोटो के साथ परीक्षा दी।
स्कूल की दीवारों पर चढ़कर फेंकी पर्चियां
बास गांव में खूब नकल हुई। स्कूल की दीवारों पर चढ़कर नकल डालने जा रहे युवाओं के फोटो को अमर उजाला ने अपने कैमरे में कैद किया। परीक्षा केंद्र के बाहर भीड़ उमड़ी हुई थी। सरेआम नकल तैयार की जा रही थी।
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फोटो नंबर 21
ब्लू प्रिंट के अनुसार नहीं बनाया पेपर
अंग्रेजी के लेक्चरर्स सतीश वर्मा, कृष्ण सिहाग, राजेश सहरावत, संदीप सिंहमार ने बताया कि अंग्रेजी पेपर के सी कोड में बोर्ड की ओर से जारी किए गए ब्लू प्रिंट के अनुसार पेपर नहीं बनाया गया। सी सेट में प्रश्न संख्या 8 में सप्लीमेंटरी के प्रश्न दिए गए थे। जबकि यह प्रश्न फ्लैमिंगों से 5-5 अंक के आने चाहिए थे। सेट ए में प्रश्न संख्या 13 भाग चार फ्लैमिंगों बुक के दिए गए। यह प्रश्न सप्लीमेंटरी से होने चाहिए थे।
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