अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर्स ने वीरवार को काला दिवस मनाते हुए काले कपड़े पहनकर हाथों में काले झंडों के साथ प्रदर्शन किया। लघु सचिवालय से फव्वारा चौक तक रोष मार्च निकालने के बाद मुख्यमंत्री का पुतला फूंका।
सैकड़ों आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हैल्पर्स काले सूट पहनकर और काली चुनरी ओढकर हाथों में काले झंडे लेकर लघु सचिवालय के बाहर धरनास्थल पर पहुंची। धरने पर बैठी महिलाओं ने मांगों का समाधान न होने पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हैल्पर यूनियन की महासचिव जगमति मलिक ने कहा कि मंत्री कविता जैन को बार-बार मांगों बारे अवगत करवाया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं देती। अधिकारी वर्ग प्रदर्शन करने पर नौकरी से हटाने और मानदेय काट लेने की धमकी देता है। सरकार आंगनबाड़ी केंद्रों पर राशन बनाने के लिए ईंधन का पैसा 2-2 साल तक नहीं देती। वर्कर अपने पास से सिलिंडर भरवाती हैं। लगातार बजट कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का महिला सशक्तिकरण का नारा खोखला साबित हो रहा है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष बिमला राठी, बिमला पेटवाड़, भतेरी देवी, सुदेश रानी, सरोज खांडा, कमलेश मामनपुरा, राजवंती रामायण, शकुंतला, सुशीला, सरोज, निशा नागर, राजबाला ज्ञानपुरा, निर्मला, कमलेश, संतरो देवी, भानी देवी आदि महिलाएं मौजूद रहीं।
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ये हैं प्रमुख मांगें
1. सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
2. योग्यता के हिसाब से जेबीटी अध्यापक का ग्रेड दिया जाए।
3. 25 प्रतिशत प्रमोशन के सुपरवाइजर की प्रमोशन दी जाए।
4. मोबाइल फोन की सुविधा दी जाए।
5. वर्कर को न्यूनतम 18000, हैल्पर को 15000 रुपये वेतन हो
6. चार्ज संभालने वाली वर्कर को 50 प्रतिशत भुगतान हो
काले कपड़ों में काले झंडे लेकर आई आंगनबाड़ी वर्कर्स ने फूंका सीएम का पुतला
मांगें पूरी न होने पर किया प्रदर्शन, मनाया काला दिवस