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किसानों ने 1.08 करोड़ का खरीदा बीज

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किसानों ने 1.08 करोड़ का खरीदा बीज
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हिसार।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मेले के दूसरे दिन करीब 23 हजार किसान पहुंचे। दो दिन में कुल 60 हजार किसानों ने शिरकत की। मेले में किसानों ने 1.08 करोड़ रुपये के उन्नत बीज खरीदे। किसानों ने 1.60 लाख रुपये का साहित्य भी खरीदा।
मंगलवार को मेले के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह मुख्यातिथि थे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर फीडबैक भी लिया। मेले में आयोजित प्रदर्शनी में जैविक खेती संबंधी प्रौद्योगिकी प्रदर्शित करने वाली संस्थाओं को सम्मानित किया। सरकारी संस्थानों में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कीट विज्ञान विभाग को पहला, सीड साइंस टेक्नोलॉजी विभाग को दूसरा और होम साइंस कॉलेज को तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। अन्य सरकारी संस्थाओं में लुवास, पंजाब नेशनल बैंक और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय को क्रमश: प्रथम, द्वितीय तथा तृतीय पुरस्कार मिला। इसी प्रकार गैर सरकारी कंपनियों में क्रिस्टल क्रॉप प्रोटेक्शन, एमडी बायोकोल, नेशनल एग्रो इंडस्ट्री, चंबल फर्टिलाइजर, इफको, बॉयर क्रॉप साइंस लि. आदि को भी पुरस्कृत किया गया।
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मेले के दोनों दिन 60 हजार से अधिक किसानों की उपस्थिति दर्ज की गई। विश्वविद्यालय के विस्तार शिक्षा निदेशक एवं मेला संयोजक डॉ. आरएस हुड्डा के अनुसार किसानों ने करीब 1.08 करोड़ रुपये के रबी की फसलों और सब्जियों की उन्नत, सिफारिश शुदा किस्मों के प्रमाणित बीज और फलदार पौधों की नर्सरी खरीदी।
किसानों ने 1.60 लाख का साहित्य खरीदा
किसानों को आगामी रबी मौसम की फसलों, सब्जियों के बीज और फलों की नर्सरी उपलब्ध करवाने के लिए विश्वविद्यालय ने मेला स्थल पर सरकारी बीज एजेंसियों के सहयोग से बीज बिक्री की पर्याप्त व्यवस्था की थी। बीज के अलावा किसानों ने करीब 1.60 लाख रुपये का कृषि साहित्य भी खरीदा।
कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र
मेले में लगाई गई कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी किसानों के आकर्षण का विशेष केंद्र रही। प्रदर्शनी में करीब 200 स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉलों पर विश्वविद्यालय तथा गैर सरकारी एजेंसियों, मल्टी नेशनल कंपनियों की ओर से कृषि प्रौद्योगिकी, मशीनें, यंत्र आदि प्रदर्शित किए गए। इन पर किसानों की भारी भीड़ रही।
किसानों को फार्म का भ्रमण कराया
डॉ. आरएस हुड्डा ने बताया कि मेले में किसानों को विश्वविद्यालय के अनुसंधान फार्म का भ्रमण करवाकर उन्हें वैज्ञानिक विधि से उगाई गई फसलों के प्रदर्शन प्लॉट दिखाए गए और उन्हें जैविक खेती, खेती में प्राकृतिक संसाधन संरक्षण, कृषि उत्पादन, गुणवत्ता बढ़ाने संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
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पानी और मिट्टी के सैंपल टेस्ट कराए
इस अवसर पर किसानों ने विश्वविद्यालय की ओर से मिट्टी और पानी की जांच के लिए की गई व्यवस्था का भी लाभ उठाया। उन्होंने क्रमश: 379 और 153 नमूने टेस्ट करवाए। इनके अतिरिक्त किसानों ने प्रश्नोत्तरी सभाओं में भाग लेकर वैज्ञानिकों से कृषि और पशुपालन संबंधी अपनी समस्याओं एवं शंकाओं को दूर किया।
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