अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला (हिसार)।
शहर के वार्ड 14 से चार साल पहले रोहतक में 25 हजार रुपये में बेचे गए बच्चे पंकज उर्फ मोहित को अदालत ने वीरवार को उसके परिजनों को सौंप दिया। इससे पहले पंकज की बाल संरक्षण विभाग के अधिकारियों के समक्ष काउंसिलिंग हुई, जिसमें बच्चे ने कहा कि वह अपने पिता राजेश और चाचा जयबीर के साथ जाना चाहता है। एएसआई निर्मला रानी ने बताया कि बच्चे को उसके पिता राजेश को सौंप दिया गया है। मामले की आरोपी बरवाला निवासी महिला सावित्री को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। सावित्री ने 16 जून 2013 को अपने पड़ोस में रहने वाले पांच वर्षीय बच्चे पंकज को घर के बाहर खेलते हुए अगवा कर लिया था। आरोपी महिला सावित्री ने इस वारदात को अपने दो साथी भाटला निवासी सीटू, महजत निवासी सतीश के साथ मिलकर अंजाम दिया था। सावित्री ने दोनों के साथ बच्चे को स्कॉर्पियो में अगवा किया था। पंकज को सावित्री ने यह कहते उठा लिया था कि वे उसे नए कपड़े दिलाएंगे। बच्चे को लालच देकर महिला और गाड़ी में सवार लोग उसे रोहतक ले गए। वहां सावित्री ने बाला देवी को 25 हजार रुपये लेकर बच्चे को दे दिया, जबकि 10 हजार रुपये बाद में देने की बात कही थी। सावित्री ने बाला देवी को यह बच्चा अपना कहकर दिया था।
तीसरा आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर
बाला देवी की दो बेटियां होने के चलते उसने बेटा गोद लेने की सोची थी। सावित्री से उसकी मुलाकात रोहतक के एक अनाथालय में हुई थी। मामले में पुलिस सावित्री और सतीश को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीसरा आरोपी सीटू अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। छानबीन में पुलिस ने बच्चे को लेने वाली बाला देवी को छोड़ दिया था। उसके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई। उधर, बच्चा पंकज अपने पिता राजेश, चाचा जयबीर, दादी और भाई-बहनों से मिलकर खुश नजर आ रहा था। परिजन उसे घर ले जाने से पहले मंदिर में मत्था टेकने के लिए ले गए। पंकज के परिजन भी उसे पाकर काफी खुश हैं।
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25 हजार रुपये में बेचने का मामला