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प्राइवेट चिकित्सक की लापरवाही के चलते कालोनी का लाडला बना मौत का ग्रास

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अमर उजाला ब्यूरो
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हांसी।
हांसी में निजी अस्पताल के एक चिकित्सक के गलत इंजेक्शन लगाने से एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद एक बार तो मृतक के परिजन शव को अस्पताल से दाह संस्कार के लिए श्मशान घाट में ले गए। लेकिन जब शहर के लोगों को इस घटना के बारे में पता चला तो उन्होंने चिकित्सक की कार्यप्रणाली के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए शव का पोस्टमार्टम करवाने की बात कही। इसके बाद शव को हांसी के नागरिक अस्पताल में लाया गया, जहां शहर के लगभग सभी प्रमुख व्यक्तियों ने मौके पर पहुंच कर घटना का विरोध करते हुए आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पूरा शहर सोमवार को इसके विरोध में एकजुट हो गया। पुलिस ने इस मामले में चिकित्सक कमलजीत के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में जगदीश कालोनी निवासी व हांसी, सब्जी मंडी में मासाखोर विनोद अरोड़ा ने कहा है कि उसका 22 वर्षीय पुत्र हिमांशु उर्फ हन्नी सांस और पीलिया रोग से पीड़ित था। करीब 5 दिन पूर्व वह हांसी के एक निजी अस्पताल में दवाई लेने गया था। जहां उसका बड़ा भाई मुकेश भी अस्पताल में उपचाराधीन था। मृतक के पिता विनोद ने बताया कि सोमवार की सुबह उनका पुत्र हिमांशु अपनी माता कृष्णा के साथ सुबह 8:45 बजे अस्पताल में दोबारा चैक-अप के लिए गया था। इसी बीच वह स्वयं भी अस्पताल में मौके पर पहुंच गए। इस दौरान हिमांशु को छाती में तकलीफ होने पर उन्होंने डॉक्टर को राउंड के दौरान ही चैक-अप के लिए दिखाया। जहां डॉक्टर ने हिमांशु का बीपी चैक किया और उसे अस्पताल में दाखिल कर ग्लूकोज चढ़ाया। विनोद का कहना है कि इसके बाद डॉक्टर ने कंपाउंडर को इंजेक्शन लगाने के लिए कहा। जिस पर डॉक्टर बाहर चला गया और कंपाउंडर ने पीछे से हिमांशु को टीका लगा दिया। आरोप है कि टीका लगाते ही हिमांशु के होंठ काले पड़ गए और उसके मुंह से झाग निकलने लगी।
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माता-पिता चक्कर खाकर हुए बेहोश
इसी बीच चिकित्सक को दोबारा मौके पर बुलाया गया। हिमांशु की हालत बिगड़ती देख उसके मां-बाप भी चक्कर खाकर नीचे गिर गए। मृतक के परिजनों का कहना है कि जब उन्हें होश आया तो उन्होंने चिकित्सक से पूछा कि यह उन्होंने हिमांशु को कौन सा इंजेक्शन लगाया है। लेकिन डॉक्टर ने कोई जवाब नहीं दिया और कहा कि वह इसे हिसार ले जाए। इस पर जब परिजन हिमांशु को एम्बुलेंस में ले जाने लगे तो समीप में खड़े लोगों ने कहा कि युवक की नब्ज नहीं चल रही, इसे हिसार ले जाने का कोई फायदा नहीं। परिजन हिमांशु को अपने घर पर ले गए। जहां से उसका दाह संस्कार करने के लिए जींद चौक के समीप श्मशान घाट में ले जाया गया। जैसे ही लोगों को इस घटना के बारे में पता लगा तो उन्होंने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए कहा।

शहर के प्रमुख लोग पहुंचे मौके पर, जताया आक्रोश
इसके बाद सभी व्यापारीगण और मृतक के परिवारजन शव को नागरिक अस्पताल ले आए। जहां मौके पर हंगामा मच गया। व्यापारियों ने विरोध प्रकट करते हुए कहा कि एक मजदूर के बेटे के साथ चिकित्सक द्वारा घिनौनी लापरवाही बरती गई। जिसके चलते वह मौत का ग्रास बना। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर डॉक्टर की नीयत सही थी तो वह अस्पताल से फरार क्यों हुआ।

आज होगा मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम
मामले की सूचना मिलने पर सिटी थाना प्रभारी सतनारायण मौके पर पहुंचे और मृतक के पिता के बयान दर्ज कर आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी। थाना प्रभारी ने बताया कि मंगलवार को मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल, संयोजक प्रवीन तायल, व्यापार मंडल के प्रदेश संगठन सचिव रमेश भुटानी, राजीव शर्मा, सुरेन्द्र सचदेवा, राजेश ठकराल, रिंकू सैनी, डॉ. अनिल भारद्वाज, डॉ. श्री शर्मा, मोहित ठकराल, ललित भारद्वाज, दुनीचंद हसीजा, प्रवीन ऐलावादी आदि उपिस्थत रहे।
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मृतक हिमांशु पूरी कालोनी का था लाडला
मृतक के पिता विनोद सब्जी मंडी में मासाखोर है, जबकि उनका पुत्र हिमांशु उनके साथ ही कार्य करता था। हिमांशु का एक बड़ा भाई मुकेश और छोटा भाई जतिन है। इस घटना के चलते पूरी कालोनी में शौक की लहर है। लोगों का कहना है कि मृतक हिमांशु उर्फ हन्नी पूरी कालोनी का लाडला था।

इनका कहना है
सिटी थाना प्रभारी सतनारायण ने बताया कि इस संबंध में चिकित्सक कमलजीत के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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