हरियाणा के हांसी के गांव मसूदपुर के कुएं में एक साल बाद एक्सपायर होने वाली गर्भवती महिलाओं और बच्चों की दवाएं फेंकने की सूचना के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान टीम को कुएं से तीन कट्टों में भरी दवाइयां बरामद हुई। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि कल तक कुएं में कई कट्टे और पॉलिथीन में दवाएं थी, जो रात में ही किसी ने निकाल ली।
सिसाय पीएचसी की एसएमओ डॉ. मीनू ढींगड़ा ने बताया कि मंगलवार को कुएं से आयरन की सीरप, कई अन्य तरह की दवाइयां और सिरिंज मिली हैं। दवाइयों को अपने कब्जे में ले लेकर जांच शुरू कर दी गई है। दवाइयां कुएं में कैसे और क्यों फेंकी गई, इसकी जांच की जा रही है। स्टॉक रजिस्टर खंगाल रहे हैं। बैच नंबर से मामले का खुलासा हो सकता है। रिपोर्ट जल्दी ही वरिष्ठ अफसरों को भेज दी जाएगी।
गौरतलब है कि मसूदपुर गांव के किसान सुरेश सोमवार को खेत में बने कुएं की सफाई करने गए तो वहां इंजेक्शन, सिरिंज व सीरप से भरे गत्ते व कट्टे मिले। इसके बाद उसने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर कुछ दवाओं को कब्जे में ले लिया। कुएं में फेंकीं दवाएं और सिरिंज सरकारी हैं।
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वहीं, देर शाम तक स्वास्थ्य विभाग के अफसर दवाएं फेंकने की जानकारी से इनकार करते रहे। मंगलवार सुबह जब स्वास्थ्य विभाग की टीम कुएं पर जांच के लिए पहुंची तो वहां केवल तीन कट्टों में ही दवा भरी मिली। सुरेश की मानें तो जो दवाएं मिली हैं, उन पर नॉट फॉर सेल लिखा है।
कुएं में बरामद दवाइयां का ब्योरा
आयरन की सीरप : 10
सिरिंज : 1250
इंजेक्शन : 10
पैरासिटामोल टैबलेट : 85 पैकेट
जेल : 170 पैकेट
जिंक टैबलेट : 2000
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बड़े घोटाले का शक, होनी चाहिए उच्चस्तरीय जांच
ग्रामीणों का कहना है कि अगर सोमवार को ही कुएं में दवाइयां फेंकीं होने की जानकारी मिल गई थी तो उन्हें बाहर क्यों नहीं निकाला गया। दवाइयों की सुरक्षा भी नहीं की गई और जब कुआं खाली हो गया, तब अफसर जांच के लिए पहुंचे। इससे बडे़ घोटाले का अंदेशा है। इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
खेत मालिक ने लगाया धमकाने का आरोप
कुएं में दवाइयां फेंकने की सूचना पुलिस को देने वाले खेत मालिक सुरेश ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकाया जा रहा है। सुरेश ने बताया कि सोमवार को थाने पहुंचे तो वहां मौजूद कुछ पुलिस कर्मचारियों ने यह कहना शुरू कर दिया कि जांच होगी तो तुम्हारे खिलाफ भी कार्रवाई होगी। वे लोग इस मामले में शिकायत न करने की सलाह दे रहे थे। पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है।
स्वास्थ्य मंत्री करें मामले में हस्तक्षेप
कांग्रेसी नेता तेलू राम जांगड़ा ने कहा कि दवा कुएं में फेंकना गंभीर साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। जांच हो तो बड़े घपले का भी खुलासा हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्री को इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवानी चाहिए। ग्रामीण रमेश ने कहा कि कुएं में फेंकी गई दवाइयों के गायब होने से स्वास्थ्य महकमे के अफसरों की भूमिका और भी संदिग्ध हो गई है। इसकी पुलिस से तफ्तीश जरूरी है।
खेत मालिक सुरेश ने सूचना दी थी कि उनके खेत के कुएं में अधिक मात्रा में दवाइयां फेंकी गई हैं। हमने सुरेश को बोला था कि इसकी शिकायत हेल्थ विभाग को दें, मगर खेत मालिक ने कहा था कि वह तो थाने में ही शिकायत करेंगे। इसके बाद मामले की सूचना हेल्थ विभाग को दे दी गई थी। वही अब मामले की जांच व कार्रवाई करेंगे
। - सुरेंद्र कुमार, सदर थाना प्रभारी हांसी
मसूदपुर के कुएं में फेंकी गईं दवाइयों की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इस कमेटी में सिसाय सीएचसी की एसएसओ मीनू, दो एमओ, चीफ फार्मेसिस्ट सुरेश कुमार व फार्मेसी अफसर रमेश कुमार को शामिल किया गया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई होगी।
- डॉ. जितेंद्र, कार्यकारी सीएमओ, हिसार