अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम में बजट को लेकर बुलाई गई बैठक की शुरुआत में ही अधिकारियों की लापरवाही पर निगम कमिश्नर अशोक बंसल गुस्सा हो गए। उनका सबसे अधिक गुस्सा टैक्स ब्रांच पर निकला। उन्होंने ब्रांच के कर्मचारियों को लताड़ लगाते हुए कहा कि तुम लोगों ने टैक्स ब्रांच का भट्ठा बिठा दिया है। सबसे ज्यादा नालायक इसी ब्रांच में बैठे हैं। आठ महीने से पीछे पड़ा हूं, काम कर लो, लेकिन नीयत ही नहीं है काम करने की तो। कुछ भी कह दो असर ही नहीं होता। कसम खाकर बैठे हो काम करना ही नहीं। बैठक की अध्यक्षता मेयर शकुंतला राजलीवाला ने की। माइनस में होने के कारण मेयर ने बजट को पास करने से इंकार कर दिया। उन्होंने बजट को रिवाइज करने के निर्देश दिए, जिसके बाद संशोधन के लिए मेयर की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी बनाकर नौ अप्रैल को दोबारा से बैठक बुलाने का फैसला लिया गया।
अधिकारी नहीं आया तो बोले, पूरी ब्रांच को बुलाओ
बैठक शुरू होते ही बजट के कुछ प्वाइंट्स पर चर्चा की गई। बात जब प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर हुई तो मेयर और अन्य पार्षदों ने प्रॉपर्टी टैक्स के जरिये इनकम के स्रोतों की डिटेल मांगी। कमिश्नर ने पूछा कि टैक्स ब्रांच का हेड कहां है। बताया गया कि हेड कैलाश चंद्र छुट्टी पर हैं। कमिश्नर अशोक बंसल ने कहा कि किसने छुट्टी दी, मेरी संज्ञान में नहीं है। अगर छुट्टी पर है तो दूसरे की व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके बाद उन्होंने पूरी ब्रांच के कर्मचारियों को बुलाने का निर्देश दिया। आधा घंटा बीतने पर भी सिर्फ दो ही कर्मचारी आए। उनको भी कमिश्नर ने जमकर खरी-खोटी सुनाई। कमिश्नर बोले, तुम्हें कुछ पता भी है या नहीं। पूरी ब्रांच में सारे एक जैसे बिठा रखे हैं। उन्होंने मेयर से कहा कि पूरी ब्रांच को ही बदलने की जरूरत है।
भाजपा नेता भी बोले, प्रोपर्टी टैक्स भरवाने की नीयत ही नहीं
बैठक में मनोनीत पार्षद और भाजपा नेता सुरेश गोयल ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स भरवाने की निगम कर्मचारियों की नीयत ही नहीं है। समय पर किसी भी शहरवासी के पास प्रॉपर्टी टैक्स के बिल नहीं पहुंचते हैं। कोई भरवाने आए तो उसके साथ ढंग से डीलिंग नहीं होती है। यही वजह है कि समय पर पूरा टैक्स वसूल नहीं हो पाता है। उन्होंने कमिश्नर से कहा कि टैक्स ब्रांच में सिस्टम को सुधारकर बेहतर बनाओ, जिससे हर शहरवासी समय पर प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा सके।
मंदिर का तीन महीने से बिल ठीक नहीं हुआ, भगवान को तो बख्श दो : डिप्टी मेयर
बैठक में डिप्टी मेयर भीम महाजन ने कहा कि तीन महीने पहले प्रताप नगर के प्रेम मंदिर का प्रॉपर्टी टैक्स का बिल साढ़े चार लाख रुपये भेजा गया था। बाद में वहां सेक्शन ऑफिसर व अन्य कर्मचारी मौके पर जाकर मुआयना भी करके आए थे। बार-बार चक्कर काटने के बाद भी अभी तक बिल ठीक नहीं किया गया है। कम से कम भगवान को तो बख्श दो। कर्मचारियों ने बताया कि वहां कोई कामर्शियल एक्टिविटी तो नहीं मिली है। फिर कमिश्नर ने पूछा कि तो बिल कौन ठीक करेगा। उन्होंने जल्द बिल ठीक करवाने को कहा।
म्हारे लिए पैसों में कटौती क्यूं करो : मेयर
बजट के कागजों में पार्षदों का पर्सनल कोटा एक लाख रुपये का रखा गया। जिस पर मेयर शकुंतला राजलीवाला ने कहा कि खुद का बजट बढ़ा रहे और म्हारे पैसों में कटौती कर रहे हो। उन्होंने पूछा कि पिछले साल कितना था। तो बताया गया कि दो लाख था। मेयर ने पूछा तो अब कम क्यों किया। इसके बाद कमिश्नर ने कहा कि पांच लाख रुपये लिखो।
यह कमेटी करेगी समीक्षा
मेयर शकुंतला राजलीवाला, डिप्टी मेयर भीम महाजन, पार्षद नरेंद्र शर्मा, मनोनीत पार्षद कृष्ण खटाना, सुनील और सुरेश गोयल की छह सदस्यीय कमेटी बजट को रिवाइज करेेगी। रिवाइज बजट को पास करने के लिए दोबारा से सोमवार नौ अप्रैल को बैठक होगी।
66 करोड़ इनकम, खर्चा था 67 करोड़
बैठक में बजट को इसलिए सिरे नहीं चढ़ाया गया क्योंकि नए वित्त वर्ष में प्रस्तावित इनकम तो 66 करोड़ 35 लाख रुपये दिखाई गई, जबकि खर्च 67 करोड़ 38 लाख रुपये दर्शाया गया। इस पर मेयर ने माइनस का बजट पास करने से इंकार कर दिया।