हिसार। जिले के कोविड-19 घोषित अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के 13 नए मामले पहुंचे हैं। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के अब तक कुल 43 केस आ चुके हैं, जिसमें तीन लोगों की मौत हो चुकी है। ये तीनों कोरोना संक्रमित थे।
पहली बार एक दिन में ब्लैक फंगस के 13 मामले आए हैं, जिनमें भिवानी, सिरसा के मरीज भी शामिल हैं। इससे पहले 7 से 9 केस रोजाना पहुंच रहे थे। वीरवार को आंकड़ा दोगुना हो गया। छह मामले बुधवार देर रात अस्पताल में पहुंचे थे। जिन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दस मामले वीरवार सुबह पहुंचे हैं।
ब्लैक फंगस से पीड़ित जिले के पहले मरीज ने संक्रमण से रिकवर होकर जीती जंग
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को कामयाबी भी मिली है। चिकित्सकों ने एक मरीज की एंडोस्कोपी की। जिसके बाद मरीज में आगे संक्रमण नहीं फैला। मरीज की रिकवरी के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी लेकर घर भेज दिया गया है। यह ब्लैक फंगस संक्रमण से रिकवर होकर जंग जीतने वाला पहला मरीज है।
ब्लैक फंगस फैलता देख मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अस्पताल में अलग से 50 बेड का वार्ड बना दिया गया है, जहां पर ब्लैक फंगस से संक्रमित मरीजों को रखा जाएगा। इस वार्ड को 25-25 बेड के दो भागों में बांटा गया है। इस वार्ड में 16 बेड ऑक्सीजन सपोर्ट वाले हैं। अन्य सामान्य बेड है। किसी मरीज की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ती है तो उनको इन ऑक्सीजन बेड पर रखा जाएगा। अत्यंत गंभीर मरीजों को आईसीयू में दाखिल किया जाएगा।
19 वर्षीय युवक में भी मिला फंगस का संक्रमण
आंख रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार के मुताबिक एक 19 वर्षीय युवक में भी ब्लैक फंगस संक्रमण पाया गया था। संक्रमित युवक को शुगर और किडनी की बीमारी है। फिलहाल युवक की दो से 3 दिन के अंतराल में डायलिसिस भी चल रही है। इसके अलावा 35 से 40 वर्ष तक के भी 3 मरीज मिले हैं, जिनमें म्यूकर्माइकोसिस पाया गया है। इसके अलावा सभी मरीज 40 वर्ष से अधिक उम्र के हैं।
6 मरीजों का किया ऑपरेशन
डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि अब तक ब्लैक फंगस का संक्रमण ज्यादातर मरीजों की नाक तक फैला है। बहुत कम मरीजों की आंखों में फैला है। ऐसे में ऐसी नौबत नहीं आई है कि किसी मरीज की आंखें निकालनी पड़ी हों, जो अच्छा है। हमारी ओर से मरीजों के ऑपरेशन या एंडोस्कोपी की जा रही है, ताकि मरीज से जल्द स्वस्थ हों। वीरवार को 6 मरीजों का ऑपरेशन किया गया है और दो मरीजों का शुक्रवार को ऑपरेशन करना है।
अब तक 3 मरीजों की हो चुकी मौत
मेडिकल कॉलेज में दाखिल ब्लैक फंगस सक्रमित 3 मरीजों की मौत हो चुकी है। ये मरीज कोरोना संक्रमित थे। तीनों मरीजों की पूरी तरह से जांच नहीं हो पाई थी। इससे पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। ऐसे में ये मौत कोविड-19 में गिनी जाएंगी, न कि ब्लैक फंगल संक्रमण में।