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आचार संहिता लगी तो धड़ाधड़ उतरने लगे शहर में लगाए अवैध होर्डिंग्स व पोस्टर

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। लोकसभा चुनावों को लेकर आचार संहिता लगते ही शहर की सुंदरता खराब कर रहे अवैध होर्डिंग्स उतरने लगे हैं। पहले आंखें मूंदे बैठे नगर निगम प्रशासन की भी नींद टूट गई है। एक ही दिन में निगम की तहबाजारी टीम ने शहर के मुख्य रास्तों पर लगे इन अवैध होर्डिंग्स को धड़ाधड़ उतारना शुरू किया। राजगढ़ रोड से लेकर दिल्ली रोड और बरवाला चुंगी तक के रास्ते पर लगे एक भी अवैध होर्डिंग को नहीं छोड़ा गया है।
हालांकि अब आचार संहिता की पालना को लेकर निगम की इस कार्रवाई की सोशल मीडिया पर जमकर खिल्ली उड़ रही है। शहरवासियों का सवाल है कि जब आचार संहिता लगने पर एकदम से अवैध होर्डिंग्स हटाए जा सकते हैं तो पहले ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं होती।
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तहबाजारी टीम के साथ स्वच्छता शाखा के कर्मचारी भी उतरे मैदान में
अब तो निगम के अधिकारियों ने तहबाजारी टीम के साथ स्वच्छता शाखा के कर्मचारी मैदान में उतार दिए गए हैं। खुद मुख्य सफाई निरीक्षक सुभाष सैनी अपनी टीम के सदस्यों के साथ खंभों पर लगे झंडों से लेकर बैनरों तक को उतरवाते नजर आए। मंगलवार को सुबह से ही टीम शहर में भेजी गई। राजगढ़ रोड, दिल्ली रोड, बस स्टैंड से बरवाला चुंगी, सिरसा रोड, सेक्टर 16-17 सहित कई स्थानों से होर्डिंग्स उतरवाए गए।

निर्धारित स्थानों पर ही पोस्टर या होर्डिंग लगा सकेंगी पार्टियां
अधिकारियों के मुताबिक जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से कुछ स्थान निर्धारित किए जाएंगे। इन स्थानों पर ही होर्डिंग, बैनर या पोस्टर लगाए जा सकेंगे। इसके अलावा किसी अन्य जगह पर लगी किसी भी प्रचार सामग्री को अवैध माना जाएगा। ऐसी सामग्री को तुरंत प्रभाव से हटवा दिया जाएगा।

प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के लिए भी तय हुए मापदंड
इसके अलावा चुनाव आयोग ने प्रिंटिंग प्रेस संचालकों व प्रकाशकों के लिए भी मापदंड तय किए हैं। प्रत्येक प्रिंटिंग प्रेस संचालक को पोस्टर, बैनर व अन्य प्रचार सामग्री की संख्या की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवानी होगी तथा प्रकाशित सामग्री पर प्रकाशक व मुद्रक के साथ प्रकाशित सामग्री की संख्या भी लिखनी होगी। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अब आचार संहिता लगते ही तुरंत प्रभाव से अवैध होर्डिंग्स, पोस्टर्स हटाए जा रहे हैं। सवाल यह है कि अगर इन्हें हटाना इतना आसान है तो आज तक निगम प्रशासन नींद में क्यों था। क्यों न नगर निगम की तहबाजारी का काम चुनाव आयोग को ही दे दिया जाए।
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सामाजिक कार्यकर्ता त्रिलोक बंसल की फेसबुक पर टिप्पणी

पूरे शहर में नगर निगम की टीमों ने पोस्टर, होर्डिंग, बैनर व झंडे हटवाए हैं। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। कोई भी राजनीतिक दल निर्धारित स्थान पर ही प्रचार सामग्री लगा सकेगा।
-सुभाष सैनी, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम
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