- मनदीप मलिक ने गुणवत्ता पर उठाए सवाल
- रात 12 बजे निगरानी समिति संयोजक ने 6 करोड़ के प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पीडब्ल्यूडी के करीब 6 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट की गुणवत्ता जांचने के लिए निगरानी समिति के संयोजक मनदीप मलिक ने रात 12 बजे औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अपने सामने डाली जा रही सामग्री की पैमाईश कराई। वे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर असंतुष्ट रहे तथा इस मामले में उच्च अधिकारियों के अलावा सीएम सेल को भी रिपोर्ट भेजी।
पीडब्ल्यूडी की ओर से करीब 6 करोड़ रुपये खर्च कर शहर के अंदर से गुजरने वाले हाइवे के हिस्से की री-कारपेटिंग की जा रही है। जिसमें 50 एमएम मोटी कंकरीट-तारकोल की लेयर डाली जानी है। तलाकी गेट से पारिजात चौक, बीकानेर चौक, रानी लक्ष्मीबाई चौक, फव्वारा चौक तक इसके बाद सपरा अस्पताल से राजगढ़ रोड स्थित नहर तक यह काम किया जाएगा। सड़क री-कारपेटिंग में फिलहाल फव्वारा चौक से रानी लक्ष्मीबाई चौक के बीच काम चल रहा है। भाजपा निगरानी समिति के लोकसभा संयोजक मनदीप मलिक को सड़क से गुजर रहे कुछ लोगों ने रात पौने बारह बजे फोन किया। जिसके बाद करीब 12 बजे मनदीप मलिक मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से बात करने के बाद री-कारपेटिंग में प्रयोग की जा रही सामग्री की डिटेल मांगी। मनदीप मलिक ने बताया कि मौके पर कंस्ट्रक्शन कंपनी का कोई प्रतिनिधि नहीं था। पीडब्ल्यूडी के जेई बलराम की निगरानी में काम किया जा रहा था।
क्या क्या होगा-
तलाकी गेट से फव्वारा चौक होते हुए राजगढ़ रोड पर नहर तक के एरिया में सड़क के डिवाइडर का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा यहां सड़क के दोनों ओर फुटपाथ भी बनेगा। सड़क की री-कारपेटिंग कर 50 एमएम मोटाई की लेयर डाली जाएगी।
वर्जन.....
मैंने सड़क का निरीक्षण किया था। मैं काम से संतुष्ट नहीं हूं। मौके पर तारकोल कम डाला जा रहा था। इस बारे में पूरी रिपोर्ट टेक्निकल टीम ही देगी। हम सीएम सेल में रिपोर्ट भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग करेंगे। भ्रष्टाचार को किसी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।
- मनदीप मलिक, संयोजक, निगरानी समिति, भाजपा।
वर्जन
करीब छह करोड़ रुपये का काम है। हेड आफिस की टीम इसकी निगरानी कर रही है। हेड आफिस की टीम ही इसकी सेंपलिंग के लिए आएगी। दिन में ट्रैफिक अधिक रहने के कारण रात को काम कराते हैं। मानकों के अनुसार काम कराने के लिए एक जेई प्लांट तथा दूसरा जेई मौके पर रहता है।
- विशाल कुमार, एक्सईन, पीडब्ल्यूडी हिसार।
डाबड़ा चौक मस्किट पर भी सवाल
वर्ष 2016 के जून महीने में डाबड़ा चौक आरओबी पर तारकोल की लेयर डालकर मस्किट डाला गया था। जिसकी तीन साल की गारंटी थी। महज छह महीने में ही इस पर गड्ढे बन गए थे। निगरानी समिति के सवाल उठाने के बाद गड्ढों की रिपेयरिंग की गई। अब फिर से पूरी सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आ रहे हैं।