हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण में देशद्रोह सहित हत्या के दो मामलों में रामपाल सहित अन्य आरोपियों की हिसार सेंट्रल जेल में वीडियो क्रांफ्रेंसिंग से सुनवाई हुई। सोमवार को हुई इस सुनवाई के दौरान दो चिकित्सकों सहित आठ व्यक्तियों की गवाहियां हुई। तीनों मामलों में अगली सुनवाई 14 मई को होगी।
देशद्रोह, मारपीट, सरकारी कार्यों में बाधा पहुंचाने सहित अन्य मामलों में सोमवार को सतलोक आश्रम संचालक रामपाल की पेशी हुई। रामपाल की पेशी वीसी से हुई। अन्य लोगों की पेशी हिसार सेंट्रल जेल वन में लगी अदालत में हुई। यह पेशी बरवाला थाने में दर्ज अभियोग नंबर 428 में थी। इस पेशी को लेकर जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े प्रबंध थे। अभियोग के साथ अभियोग नंबर 429 में सुनवाई हुई। इस अभियोग में तीन गवाहियां हुईं। बरवाला पुलिस ने 19 नवंबर 2014 को अभियोग नवंबर 429 दर्ज किया था। इसमें आश्रम में शव मिलने के बारे में हत्या और षड्यंत्र रचने का केस दर्ज किया था। इस मामले में पुलिस ने धारा 302, 343 व 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम उर्फ राजकपूर, बिल्लू उर्फ जोगेंद्र, राजेंद्र, बिजेंद्र, सावित्री, बबीता, पूनम आदि के खिलाफ केस दर्ज किया था।
इन दोनों अभियोगों के अलावा अभियोग न बर 430 में भी सुनवाई हुई। इस अभियोग में दो चिकित्सकों डॉ. एके झा और डॉ. राजवीर सिंह की गवाही हुई। इसके अलावा तीन अन्य कर्मचारियों की गवाहियां हुईं। इनमें डीसी कार्यालय में कार्यरत क्लर्क, बरवाला के सरकारी कार्यालय में कार्यरत क्लर्क, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के एक कर्मचारी की गवाही हुई। बरवाला थाना में अभियोग नंबर 430 में धारा 302, 343, 120 बी के तहत रामपाल, प्रीतम उर्फ राजकपूर, राजेंद्र सहित 14 के खिलाफ केस दर्ज किया था। पेशी के दौरान बड़ी संख्या में रामपाल के समर्थक भी पहुंचे। अधिकतर समर्थक सेंट्रल जेल के बाहर जमे रहे। कुछ समर्थक रेलवे स्टेशन पर डेरा डाले हुए थे।