अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम में पार्षदों के रिश्तेेदार या ब्लड रिलेशन वाले तो ठेकेदारी कर ही नहीं पाएंगे, साथ में अब अधिकारी या कर्मचारी के रिश्तेदारों पर भी निगम में ठेकेदारी पर बैन कर दिया गया है। टेक्निकल ब्रांच ने इस मामले को लेकर सभी ठेकेदारों से शपथ पत्र मांगा है।
अभी तक किसी ने नहीं करवाया शपथ-पत्र जमा
निगम में किसी भी ठेकेदार ने अभी तक शपथ-पत्र जमा नहीं करवाया है। कार्यालय में अभी तक 50 के आसपास ठेकेदार हैं। हालांकि वर्किंग में करीब 30 के आसपास ठेकेदार हैं। इन ठेकेदारों ने अभी तक शपथ पत्र जमा नहीं करवाया है। ठेकेदारों को नोटिस भी दिए गए हैं।
नहीं हों इन अधिकारियों के रिश्तेदार
निगम ने ठेकेदारों के शपथ-पत्र जमा करवाने के बारे में सार्वजनिक नोटिस भी लगा दिया है। इसमें लिखा गया है कि कोई भी ठेकेदार कनिष्ठ अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यकारी अभियंता, अधीक्षक अभियंता, मुख्य अभियंता, वरिष्ठ लेखा अधिकारी, उप अधीक्षक, ऑडिट अधिकारी के रिश्तेदार नहीं होना चाहिए। जो ठेकेदार निगम में टेंडर भर रहे हैं, वे शपथ पत्र जमा करवाएं कि वे किसी के रिश्तेदार या ब्लड रिलेशन में नहीं हैं।
शपथ-पत्र जमा नहीं करवाए तो नहीं भरे जाएंगे टेंडर
टेक्निकल ब्रांच के अधिकारियों ने ठेकेदारों को नोटिस भेजा है कि अगर वे शपथ-पत्र जमा नहीं करवाएंगे तो उनके टेंडर स्वीकृत नहीं माने जाएंगे। टेंडर भरने से पहले सभी ठेकेदार अपने शपथ-पत्र दे दें। अगर किसी ठेकेदार ने झूठा शपथ-पत्र दिया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई के लिए भी लिखा जा सकता है।
ठेेकेदारों में हड़कंप
निगम के ठेकेदारों में फिर से इस मामले को लेकर हड़कंप मच गया है। पार्षदों के ब्लड रिलेशन वाले ठेकेदार पहले ही आउट हो चुके हैं या किसी और फर्म पर काम कर रहे हैं। मगर इसके बाद कुछ और ठेकेदारों के लिए परेशानी खड़ी हो गई है।
पंचकूला से आए हैं आदेश
इस मामले को लेकर सभी नगर निगमों, परिषदों और पालिकाओं में मुख्यालय से ये आदेश भेजे गए हैं। टेक्निकल ब्रांच ने नोटिस के माध्यम से पंचकूला से आए आदेश का हवाला दिया है। इसमें अधिकारियों, पार्षदों के रिश्तेदार और संबंधी ठेकेदारों को वर्क अलॉट न करने का जिक्र किया गया है।
अधिकारियों के रिश्तेदार भी टेंडर नहीं भर सकते। जो शपथ-पत्र नहीं देंगे, उन ठेकेदारों के टेंडर पर विचार नहीं किया जाएगा। - विवेक गिल, एक्सईएन नगर निगम