अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अखिल भारतीय किसान सभा और अन्य किसान संगठनों ने जिले में हिसार शहर, बरवाला क्षेत्र में सरसौद और नारनौंद सहित तीन स्थानों पर हाईवे जाम किया। संगठनों ने पूर्व घोषणा के अनुसार दोपहर 12 बजे से लेकर 3 बजे तक सिटी एरिया में राजगढ़ रोड नेशनल हाइवे जाम कर दिया। किसान संगठन ने दोपहर से पहले धरना लगाए रखा। 12 बजे वे धरने से उठकर लघु सचिवालय के सामने रोड पर आकर बैठ गए। इससे पहले उन्होंने वित्तमंत्री अरुण जेटली का पुतला फूंका। नारनौंद में हांसी-चंडीगढ़ मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगने से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस देरी से पहुंची और जाते ही प्रदर्शनकारियों के साथ धक्का-मुक्की कर उनको खदेड़ दिया और दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर शाम को छोड़ दिया। उधर, बरवाला-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे जाम कर दिया। लघु सचिवालय के सामने धरने पर सांसद दुष्यंत चौटाला ने पहुंचकर समर्थन दिया। हिसार शहर और सरसौद में किसान संगठनों का हाईवे पर शांतिपूर्वक धरना रहा। तीन घंटे के बाद किसानों ने खुद ही हाईवे खाली कर दिए।
नारनौंद में पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, दो हिरासत में
नारनौंद क्षेत्र में हांसी-चंडीगढ़ मार्ग जाम कर दिया। मामले के बारे में पुलिस को सूचना मिली। जैसे ही पुलिस पहुंची प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने उन्हें धक्का-मुक्की कर खदेड़ दिया। पुलिस ने दबाव बनाने के लिए दो लोगों को हिरासत में लिया, जिन्हें देर शाम छोड़ दिया गया।
रूट डायवर्ट, हिसार और सरसौद में धरनास्थल से दूर रही पुलिस
हाईवे जाम किए जाने की पूर्व घोषणा के चलते पुलिस ने पहले ही रूट डायवर्ट किया हुआ था। हिसार सिटी में शहर की तरफ से जाने वाले वाहनों को सेक्टर-15 के अंदर से कैमरी रोड और साउथ बाईपास की तरफ निकाला जा रहा था। उधर से आने वाले भारी वाहनों को साउथ बाईपास से शहर से बाहर निकाला जा रहा था। शहर के अंदर एंट्री करने वाले वाहन सेक्टर-15 और कैमरी रोड से आ रहे थे। सरसौद में हाईवे जाम को लेकर अग्रोहा-बरवाला रूट पर वाहन डायवर्ट किए हुए थे। छोटे वाहन बहबलपुर लिंक रोड से निकाले जा रहे थे। किसान सभा के जिला अध्यक्ष मा. मोलड़ सिंह आर्य, बरवाला तहसील प्रधान चंदगीराम ने धरने की अध्यक्षता की। संचालन जिला सचिव सूबेसिंह बूरा ने किया। इस अवसर पर किसान सभा के राज्य वित्तसचिव प्रदीप सिंह ने संबोधित किया कि सरकार जब तक मेहनतकश किसानों की मांगों को नही मानेगी, तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा।
किसानों की ये रहीं मांगें
किसानों की कर्जा माफी, डा. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना, फसलों के डेढ़ गुणा भाव, पशु मेले शुरू कर उनकी खरीद-फरोख्त पर लगी रोक को हटाना, मनरेगा का काम पूरा देना, बकाया मजदूरी का तुरंत भुगतान करना।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री का मांगा इस्तीफा
किसान संगठनों ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश के किसानों पर गोली चलाने वाले अधिकारियों और सरकार के जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो। पीड़ित किसान परिवारों को समुचित मुआवजा और अन्य राहत दो।
ये रहे मौजूद
हाईवे जाम करने वालों में जनवादी महिला समिति की राज्यध्यक्षा शकुंतला जाखड़, सीटू नेता व पूर्व जिला पार्षद का. सुरेश कुमार, बलबीर नंबरदार, शमशेर नंबरदार, हनुमान जौहर, महाशय फूलसिंह जांगड़ा, नागरिक मंच के प्रधान आरसी जग्गा, भवन निर्माण के राज्य महासचिव सुखबीर सिंह, नौजवान नेता दिनेश सिवाच, महिला समिति नेता कमलेश कैमरी, रेखा रानी, मजदूर नेता मोहनलाल राजली सहित सैकड़ों की संख्या में मौजूद थे।
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