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ठेकेदार बोला- मदद नहीं मिल रही, कैसे पकड़ूं गाय

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हिसार। शहर में गायों को पकड़ने वाले ठेकेदार ने फिर सुरक्षा मुहैया करवाने के लिए नगर निगम कमिश्नर से मुलाकात की। ठेकेदार ने कमिश्नर से कहा कि किसी तरह की मदद नहीं मिल रही है। कैसे गायों को पकड़ूं। पशुपालक दिनदहाड़े पशु छुड़वा ले जाते हैं और टीम के सदस्यों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं।
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वहीं सेक्टर 16-17 की आरडब्ल्यूए का कहना है कि निगम चुनाव के दौरान लावारिस पशुओं से शहर को निजात दिलाने का दावा करने वाले पार्षद अब आगे क्यों नहीं आ रहे हैं। क्यों पार्षद खुलकर इन पशुपालकों की खिलाफत नहीं कर रहे हैं। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने कहा कि इस तरह तो शहर कभी भी कैटल फ्री नहीं हो पाएगा।
गौरतलब है कि वीरवार को दिन में कमला नगर से पकड़ी गई गायों में से एक गाय को पशुपालक गाड़ी से उतारकर ले गया था, जबकि शाम को ठेकेदार की टीम के एक सदस्य रमेश कुमार पर जानलेवा हमला कर दिया गया था।
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सुरक्षा मिले तो किसी भी कीमत पर काम नहीं छोडूंगा
ठेकेदार विकास पूनिया ने स्पष्ट कहा कि अगर निगम प्रशासन उसे पुलिस सुरक्षा मुहैया करवा दे तो वह किसी भी कीमत पर गाय पकड़ने का काम नहीं छोड़ेगा। पशुपालकों की धमकियों को भी वह नजरअंदाज कर देगा। मगर अब जिस तरह से टीम सदस्यों पर हमले हो रहे हैं, वह बर्दाश्त नहीं है। इस तरह तो किसी की जान की कीमत नहीं समझी जाएगी। ठेकेदार ने कहा कि अब तक कई बार पशुपालक धमकी दे चुके हैं। सरेआम अधिकारियों के सामने भी देख लेने की धमकी दी जाती है।

अब जनता को मांगना चाहिए पार्षदों से जवाब : श्योराण
हिसार संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं सेक्टर 16-17 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जितेंद्र श्योराण का कहना है कि शहर को कैटल फ्री करने के मामले में नवनिर्वाचित पार्षदों व नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह से आंखें मूंद ली हैं। अब तो पार्षदों से शहर की जनता को जवाब मांगना चाहिए। निगम चुनाव में शहर को कैटल फ्री करने का सभी पार्षद उम्मीदवारों का मुख्य मुद्दा था। जनता भी लावारिस पशुओं से परेशान थी, इसलिए जनता ने भी इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते हुए इस आस में वोट डाले कि शायद अब इस समस्या से छुटकारा मिल जाए, लेकिन जनता की आशाओं पर पानी फिर चुका है। उन्होंने कहा कि यदि नगर निगम प्रशासन ने शीघ्र ही शहर को कैटल फ्री बनाने की प्रभावी व्यवस्था नहीं की तो हिसार संघर्ष समिति आंदोलन की रणनीति पर विचार-विमर्श करेगी और चुनाव के दौरान ही आंदोलन का बिगुल बजा देगी।
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