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कॉ-ऑपरेटिव बैंक को पहले बताया 7 लाख, जब ड्राफ्ट बना लिया तो थमाया 22 लाख का बिल

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में हर रोज शिकायतें लेकर शहरवासी आ रहे हैं। किसी को समय पर बिल नहीं मिल रहा है तो किसी को बिल ज्यादा भेज दिया गया है। ऐसा ही एक मामला बुधवार को आया। रेलवे रोड स्थित को ऑपरेटिव बैंक का पहले प्रॉपर्टी टैक्स बिल सात लाख रुपये बताया गया। बैंक अधिकारी सात लाख रुपये का ड्राफ्ट बनवाकर बिल जमा करवाने के लिए निगम कार्यालय पहुंच गया। जब वह ड्राफ्ट जमा करवाने लगा तो उसका बिल 22 लाख रुपये का बता दिया गया। इससे अधिकारी भी हतप्रभ रह गया। उसने ब्रांच के कर्मचारियों से कहा कि पहले सात लाख का बिल कैसे दर्शाया गया। अब वह ड्राफ्ट बनवाकर ला चुका है। बैंक अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि वह सात लाख रुपये का ही बिल भरेगा। बाद में कर्मचारियों के साथ उसकी बहस भी हुई। मगर कोई नतीजा नहीं निकला।
ब्याज माफी में बचे मात्र तीन दिन
प्रॉपर्टी टैक्स में सौ प्रतिशत ब्याज माफी की छूट में मात्र तीन दिन शेष बचे हैं। 31 मार्च को छूट खत्म हो जाएगी। इस बार भी शहरवासियों की सुविधा के लिए शनिवार और रविवार को भी छुट्टी के बावजूद नगर निगम के कैश काउंटर और प्रॉपर्टी टैक्स की ब्रांच को खुला रखा जाएगा। 31 मार्च की शाम को 5 बजते ही छूट खत्म हो जाएगी। अब तक 15 करोड़ रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो चुका है। हालांकि यह हाउस की बैठक में निर्धारित लक्ष्य से अभी भी सात करोड़ रुपये कम हैं। मगर छूट की बदौलत इस बार निगम अच्छी रिकवरी करने में सफल हो सका है।
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मैं चंडीगढ़ गया हुआ था। को ऑपरेटिव बैंक के बिल को लेकर क्या मामला है, यह तो सुबह फाइल देखने के बाद ही बता पाऊंगा। मगर बिल पहले कम बाद में ज्यादा इसलिए बनता है, क्योंकि कई बार कॉमर्शियल एरिया पहले नहीं दर्शाया जाता है, जबकि बाद में उसकी वेरिफिकेशन होती है।
-हरदीप सिंह, ईओ, नगर निगम
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