अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के होम साइंस कॉलेज के विस्तार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन विभाग द्वारा कृषक महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कृषक महिला कार्यशाला बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आई एक हजार से अधिक कृषक महिलाओं व करीब 30 महिला उद्यमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह की धर्मपत्नी डॉ. संजेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
डॉ. संजेश सिंह ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि में महिलाओं का पुरुषों के बराबर योगदान है। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य कृषक महिलाओं के योगदान को पहचानना, उन्हें इसका एहसास करना तथा उनके योगदान को सम्मान देना है, जोकि उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए बहुत सार्थक पहल है। इससे वे और भी बेहतर कार्य कर सकेंगी। उन्होंने महिलाओं में उद्यमियता के विकास पर विशेष बल दिया। इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी में गृहविज्ञान महाविद्यालय सहित महिला उद्यमियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, कृषि तकनीकी सूचना केंद्र, विभिन्न विभागों जैसे परंपरागत ऊर्जा विभाग, खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, पादप रोग विज्ञान विभाग, अक्षय ऊर्जा एवं जैव अभियांत्रिकी, प्रसंस्करण एवं खाद्य अभियांत्रिकी तथा कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों एवं पौध आदि का अवलोकन भी किया।
इनको किया सम्मानित
डॉ. संजेश ने महिला उद्यमियों को सम्मानित भी किया, जिनमें महेन्द्रगढ़ से बनारसी व मानसी, अंबाला से जसविंदर व अमरजीत, झज्जर से किरण, सरिता, पूनमलता, कुरुक्षेत्र से ऊषा रानी, फरीदाबाद से गीता चौहान, बावल से किरण, हिसार से शालू, सुमित्रा, गायत्री, पूजा व मीना, आसन से सोनिया व संतोष, सोनीपत से गीता, सुनीता आहुजा व प्रियंका, पलवल से तारा, हिंदवान से बाला, हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से सुमन तथा फतेहाबाद से रामपाल शामिल हैं।
महिला किसान दिवस के महत्व के बारे में बताया
होम साइंस कॉलेज की डीन डॉ. बिमला ढांडा ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थितजनों का स्वागत करते हुए महिला किसान दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कृषि में महिलाओं के सराहनीय योगदान के मद्देनजर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के निर्देशानुसार प्रतिवर्ष महिला कृषक दिवस का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर आयोजित तकनीकी सत्र में कृषि से संबंधित प्रश्नोत्तरी सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने महिलाओं द्वारा पूछे गए प्रश्रों के उत्तर देकर उनकी समस्याओं का समाधान बताया। इस मौके पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में छुपी प्रतिभाओं एवं ग्रामीण संस्कृति को आगे लाना और महिलाओं को विभिन्न राज्यों की संस्कृति से अवगत करवाना था। इस कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं, बालिकाओं एवं गृहविज्ञान महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य, रागिनी एवं गीत प्रस्तुत किए गए। विस्तार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन विभाग की प्रोफैसर डॉ. बीना यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव ज्ञापित किया जबकि मंच का संचालन सहनिदेशिका (प्रशिक्षण) डॉ. मंजु दहिया ने किया।