अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। भाजपा ने मेयर पद के चुनाव में गौतम सरदाना को टिकट देकर पंजाबी वोट बैंक में बड़ी सेंध करने का प्रयास किया है। हिसार से विधायक डॉ. कमल गुप्ता के अग्रवाल समाज से होने के कारण मेयर का टिकट पंजाबी समाज को देकर जातिगत समीकरणों को भाजपा ने साधने का प्रयास किया है। मेयर पद के इच्छुक 12 दावेदारों में से आखिरी नाम गौतम सरदाना का फाइनल हुआ है। हालांकि कांग्रेस ने सिंबल पर चुनाव नहीं लड़ने का फैसला लिया है, लेकिन पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल की करीबी और पूर्व मेयर शकुंतला राजलीवाला ने भी नामांकन की पूरी तैयारी कर ली है। सभी विभागों से एनओसी भी ले ली है। इसी के साथ अब मेयर चुनाव और ज्यादा रोचक होगा। अभी इनेलो और दुष्यंत खेमे की ओर से प्रत्याशी घोषित होने का इंतजार है। अगर वहां से दमदार प्रत्याशी मैदान में आते हैं तो मुकाबला चौतरफा होने की पूरी उम्मीद है।
दो बार विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं गौतम सरदाना
स्नातक पास 45 वर्षीय गौतम सरदाना दो बार हिसार विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। पहली बार उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 2009 का चुनाव लड़ा था। उस समय वह 18 हजार 138 वोट लेकर दूसरी स्थान पर रहे थे। इसके बाद उन्होंने साल 2014 में कुलदीप बिश्नोई की पार्टी हरियाणा जनहित कांग्रेस से चुनाव लड़ा था। दूसरी बार गौतम सरदाना तीसरे नंबर पर रहे थे। उन्हें 28 हजार 476 वोट मिले थे, जबकि दूसरे नंबर पर रही सावित्री जिंदल को उनसे महज 163 वोट अधिक यानी 28 हजार 639 वोट मिले थे। इस चुनाव में 42 हजार 285 वोट लेकर डॉ. कमल गुप्ता विधायक बने थे।
एक महीना पहले ही शामिल हुए थे भाजपा में
गौतम सरदाना एक महीने पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। 28 अक्तूबर को उनके आवास पर आयोजित कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर पहुंचे थे। इसी दिन आजाद नगर में भाजपा की रैली हुई थी। इस रैली में गौतम सरदाना अपने आवास से समर्थकों के साथ पहुंचे थे। तभी से कयास लगाए जा रहे थे कि गौतम सरदाना को मेयर पद का टिकट मिलना तय है।
ये भी थे दावेदार
गौतम सरदाना के साथ भाजपा से मेयर टिकट पाने के लिए 12 दावेदार मैदान में थे। इनमें गौतम सरदाना, रेखा ऐरन, हनुमान ऐरन, पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन, सुरेंद्र लाहौरिया, योगेश बिदानी, रविंद्र श्योराण, मीनू भुटानी, सुभाष मल्होत्रा, सुभाष धींगड़ा, अनिल मानी सैनी, सुनील वर्मा आदि शामिल थे। मगर भाजपा हाईकमान ने आखिरी मुहर गौतम सरदाना के नाम पर लगाई हैं।
70 हजार पंजाबी वोटर्स की रहेगी अहम भूमिका
नगर निगम क्षेत्र में कुल मतदाता 2 लाख 23 हजार 22 है। इनमें से पंजाबी समाज के मतदाताओं की संख्या करीब 70 हजार है, जबकि 40 हजार से अधिक अग्रवाल समाज के मतदाता हैं। अब पंजाबी समाज से भाजपा प्रत्याशी होने के कारण इस समाज के वोटरों की अहम भूमिका रहेगी। वहीं अग्रवाल समाज से सावित्री जिंदल समर्थित शकुंतला राजलीवाला पर दारोमदार रहेगा।
कभी भाजपा के खिलाफ धरने-प्रदर्शन किए, अब पार्टी के नाम पर मांगेंगे वोट
गौतम सरदाना हिसार जनसंघर्ष समिति के अध्यक्ष हैं। वह समिति के माध्यम से शहर की समस्याओं को उठाते रहे हैं। कल तक व्यापारियों से लेकर कर्मचारी संगठनों के साथ मिलकर भाजपा सरकार के खिलाफ धरने-प्रदर्शन करने वाले सरदाना अब इसी पार्टी के लिए वोट मांगते नजर आएंगे।
मजबूत पक्ष : दो विधानसभा चुनाव लड़ने का अनुभव
गौतम सरदाना जाना-पहचाना चेहरा है। उनके लिए सकारात्मक पक्ष यह है कि उनसे अधिकतर शहरवासी परिचित हैं। दो विधानसभा चुनाव पहले लड़ने का राजनीतिक अनुभव भी है। वहीं अब भाजपा से टिकट मिला है। इसलिए मंत्रियों से लेकर विधायक तक उनके पक्ष में प्रचार करते नजर आएंगे।
कमजोर पक्ष : भाजपा में देरी से एंट्री
सरदाना के लिए भाजपा में देरी से एंट्री कमजोर पक्ष बन सकता है। वहीं उन पर एक ही समुदाय का नेता होने का भी आरोप लगता है। इसके अलावा शहर में भाजपा का कई जगह विरोध भी चल रहा है। खासकर सेक्टरों में एन्हांसमेंट के मुद्दे को लेकर भाजपा के विरोध का एलान किया हुआ है। इसका नुकसान भी सरदाना को उठाना पड़ सकता है।
भाजपा संगठन ने मेयर जैसे बड़े चुनाव में टिकट देकर मुझ पर विश्वास जताया है। पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और शहरवासियों के समर्थन से इस विश्वास पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। मैं शहर की सभी समस्याओं से पूरी तरह वाकिफ हूं। अगर मेयर बनने का मौका मिला तो इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए पुरजोर मेहनत करूंगा।
-गौतम सरदाना, मेयर प्रत्याशी, भाजपा