सिवानी मंडी। शहर के पुराने बस अड्डे पर खाद बीज की दुकान चलाने वाले गांव ढाणी रामजस के कुलदीप बूरा के बेटे सोनू बूरा ने यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में ऑल इंडिया में दूसरा स्थान हासिल किया है। कुल 33 पदों के लिए हुई इस परीक्षा में देशभर के करीब आठ हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। ग्रामीण अंचल में पढ़े लिखे सोनू ने कड़ी मेहनत के साथ परीक्षा दी जिसका बुधवार को परिणाम आया तो ना केवल सोनू बल्कि पूरा गांव खुशी से झूम उठा। महज 60 घरों और करीब 300 की आबादी के गांव में रहने वाले सोनू को उसकी इस उपलब्धि पर बधाई देने वालों का तांता देर रात तक लगा रहा। सोनू के नाम से उनके पिता ने शहर में पहले किताबों की तो अब खाद बीज की दुकान खोल रखी है। यहां यह बता दें कि सोनू उपमंडल में पहला ऐसा युवक है जिसका देश भर में दूसरा रैंक आया है।
जानकारी के अनुसार सिवानी जैसे ग्रामीण क्षेत्र में आरंभिक पढ़ाई करने वाले सोनू बूरा बचपन से आईएएस बनना चाहते थे। शहर के श्री कृष्ण प्रणामी पब्लिक स्कूल से आरंभिक पढ़ाई करने के बाद सोनू ने बीटेक की और आईएएस की तैयारियों में जुट गया। इसी बीच उसके एक दोस्त की सर्विस पीजीडीएलएल में हो गई और उसने उसे भी यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित किया तो वह इसके लिए तैयार हो गया।
कड़ी मेहनत लाई रंग
सोनू ने बताया कि संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में रैंक हासिल करने के लिए वह जी जान से जुट गया और उसने आत्मविश्वास के साथ पूरी तैयारी की। पूरे देश में 33 पदों के लिए सोनू समेत करीब आठ हजार परीक्षार्थी परीक्षा देने के लिए बैठे जिसमें सोनू ने देश में दूसरा रैंक हासिल कर श्रम प्रर्वतन अधिकारी के पद पर अपनी जगह बना ली। सोनू के मुताबिक करीब 15 दिन पहले ही राजस्थान के जोधपुर डिवीजन में पर्सनल ऑफिसर के पद पर उसका चयन हुआ था लेकिन उसने पदभार नहीं संभाला। उसे विश्वास था कि उसकी मेहनत रंग लाएगी और वह इसी पद के लिए काम करेगा। सोनू ने कहा कि उसका मकसद मजदूरों के हितों की रक्षा करने के अलावा उनके उत्थान के लिए काम करना है। परिवार में सोनू अपने माता-पिता का इकलौता बेटा है और उसकी छोटी बहन अनु राजस्थान के जयपुर में सर्विस करती है।
परिवार और गांव में खुशी का माहौल
बुधवार को सोनू का परिणाम आने के बाद ना केवल परिवार बल्कि पूरे गांव में खुशी का माहौल है। घर में जमकर नाच गाना हुआ और देर रात तक गांव के लोग सोनू व उसके परिजनों को बधाई देने उनके घर पहुंचते रहे। सोनू की मां सरोज व पिता कुलदीप बूरा का कहना है कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है कि उसने पूरे देश मेें हमारा नाम रोशन कर दिया। वहीं परिजनों में उसके चाचा संजय बूरा, रोहताश श्योराण, अजीत पिलानिया, प्रेम शर्मा, संजय तलवंडी ने कहा कि सोनू की इस उपलब्धि को क्षेत्र के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सोनू ने ना केवल क्षेत्र बल्कि पूरे जिले का रिकार्ड तोड़ा है।