अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने सतलोक आश्रम प्रकरण के देशद्रोह के मुकदमा नंबर 428, हत्या के मुकदमा नंबर 429 और 430 में सोमवार को सेंट्रल जेल वन में सुनवाई की। देशद्रोह के मुकदमे में चार और हत्या के दोनों मुकदमों में एक-एक गवाह ने गवाही दर्ज कराई। अब तीनों मुकदमों की सुनवाई 28 मई को होगी।
देशद्रोह के मुकदमे में डॉ. अनिल भाटी, डॉ. नीरज खटक, डॉ. रवींद्र कुमार और एक अन्य डॉक्टर की गवाही हुई। समय के अभाव के चलते दो डॉक्टरों की गवाही नहीं हो सकी। इस मुकदमे में आश्रम प्रमुख समेत 902 आरोपी हैं। रामपाल की पेशी वीसी से हुई और बाकी आरोपी पेश हुए। इसके अलावा हत्या के मुकदमा नंबर 429 और 430 में डिफेंस के गवाह नगेंद्र ने गवाही दर्ज कराई। हत्या के मुकदमा नंबर 429 में रामपाल समेत 15 और मुकदमा नंबर 430 में 14 आरोपी हैं। दोनों मुकदमों में रामपाल की पेशी वीसी से हुई और बाकी आरोपी पेेश हुए।
काफी समर्थक आए हुए थे हिसार
आश्रम प्रमुख रामपाल की तीन मुकदमों में पेशी के चलते आरोपी के काफी समर्थक बाहर से आए हुए थे। वे जेल के गेट के पास, बैंक कॉलोनी, जयदेव नगर, कृष्णा नगर और पीएलए में मौजूद थे। रामपाल की पेशी के चलते प्रशासन ने जेल के गेट और टाउन पार्क में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा रखी थी। पुलिसकर्मियों ने समर्थकों को जेल के गेट और टाउन पार्क के पास नहीं टिकने दिया। अनुयायी समूहों में इधर-उधर घूमते रहे। उनकी भीड़ देर शाम तक छंट पाई।