अमर उजाला ब्यूूरो
हिसार।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरंकारी भवन रोड पर रेलवे फाटक के पास रमित मेडिकल हॉल पर छापा मारा। संचालक रमित कुमार 15 दवाओं की खरीद-फरोखत का रिकॉर्ड नहीं दिखा सका। इसके अलावा वहां से नशे की दवाओं के पत्तों से बीच से टैबलेट व कैप्सूल गायब मिले। टीम ने जांच के बाद मेडिकल हॉल सील कर दिया। संचालक ने लाइसेंस टीम को सरेंडर कर दिया।
ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी की टीम ने बुधवार को निरंकारी भवन रोड पर रेलवे फाटक के पास मेडिकल हॉल पर छापा मारा। टीम ने वहां जांच कर संचालक रमित कुमार से 15 प्रकार की दवाओं की खरीद-फरोख्त का रिकॉर्ड मांगा। मगर वह कोई रिकॉर्ड नहीं दिखा सका। टीम को वहां नशीली दवाइयों के ऐसे पत्ते मिले। इनमें बीच-बीच से कैप्सूल और टैबलेट गायब थी। बाद में मेडिकल हॉल को सील कर दिया गया। संचालक ने मौके पर टीम को हॉल का लाइसेंस सरेंडर कर दिया।
इसलिए किया मेडिकल हॉल सील
ड्रग कंट्रोलर सुरेश चौधरी ने बताया कि सूचना मिली थी कि संचालक रमित नशे में मिसयूज होने वाली दवाइयां फार्मासिस्ट की गैर मौजूदगी और बिना डॉक्टर की पर्ची के बेचता है। इस आधार पर वहां छापा मारा और रिकॉड नहीं मिलने पर मेडिकल हॉल सील कर दिया। उन्होंने बताया कि वह किसी को फोन पर ऑर्डर देता था। वह आदमी उसे नशीली दवा दे जाता था। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और इस संबंध में ड्रग एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।