अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
गोबिंद नगर की विवाहिता 26 वर्षीय कलावती ने शहर के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। उसे चार दिन पहले पित्त की थैली में पथरी के चलते दाखिल कराया गया था। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में कोताही बरतने का आरोप लगाकर सीएमओ दफ्तर के पास पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। वे पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद शांत हुए। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
गोबिंद नगर के श्याम ने बताया कि उसके भतीजे नवीन की पत्नी कलावती की तबीयत खराब थी। उसे 12 नवंबर को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। डॉक्टर ने चेकअप और टेस्ट करने के बाद कलावती की पित्त की थैली में पथरी बताई थी। उसे दाखिल कर लिया गया था। वह ठीक बोल रही थी। डॉक्टर ने इस दौरान कलावती के एक-एक करके चार ऑपरेशन किए। उसकी हालत सुधरने की बजाय बिगड़ती गई और उसने बोलना बंद कर दिया। उसके शरीर से ब्लीडिंग नहीं रुकी। उन्होंने 14 यूनिट खून उपलब्ध कराया। आखिर डॉक्टर ने बुधवार शाम को हालत चिंताजनक बताकर उसे जयपुर ले जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। वे कलावती को यहां सिविल अस्पताल में ले जा रहे थे। उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। परिजन विवाहिता को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
श्याम ने बताया कि परिजन और रिश्तेदार वीरवार को सिविल अस्पताल में पहुंच गए। उन्होंने सीएमओ दफ्तर के साथ पार्क में हंगामा करना शुरू कर दिया। उन्होंने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि निजी अस्पताल के डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती है। उसी कारण उसकी जान गई है। पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए। पुलिस सूचना मिलने पर अस्पताल में पहुंची और लोगों को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। बाद में तीन डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया कार्रवाई की है।
विवाहिता के शव का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के बोर्ड से कराया है। विसरा जांच के लिए अग्रोहा मेडिकल कॉलेज भेजा जा रहा है। विसरा रिपोर्ट के रिजल्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-ईश्वर सिंह एसआई, कार्यकारी एसएचओ, सिविल लाइन थाना