अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हर वर्ग के उत्थान, सेवा भाव, आर्थिक-सामाजिक समानता और शांतिपूर्ण जीवन के जिन संदेशों को महाराजा अग्रसेन ने पांच हजार वर्ष पूर्व जीया था, वे आज भी समाज और जीवन में प्रासंगिक हैं। उनके आदर्शों के अपनाते हुए हम 2022 तक समाज से गंदगी, गरीबी, भ्रष्टाचार, हिंसा, जातीयता, सांप्रदायिकता को खत्म करेंगे। राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी रविवार को अग्रोहा स्थित अग्र विभूति स्मारक में भगवान अग्रसेन के 5141वें जन्मोत्सव पर आयोजित समारोह को बतौर मुख्यातिथि संबोधित कर रहे थे।
अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के सौजन्य से आयोजित समारोह में हरियाणा के उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने की। राज्यपाल ने शक्तिपीठ के नवनिर्मित भगवान सूर्यनारायण द्वार का लोकार्पण किया और नर्मदा नदी से लाया गया जल अग्र सरोवर में प्रवाहित किया। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शक्तिपीठ में प्रसिद्ध कथावाचक पं. विजय शंकर मेहता ने तीन दिवसीय अग्र भागवत का शुभारंभ किया। इस दौरान अतिथियों ने महाराज अग्रसेन के जीवन पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया। राज्यपाल सोलंकी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने पांच हजार वर्ष पूर्व अग्रोहा को अपने राज्य की राजधानी बनाया और मानव कल्याण की नीतियों के साथ प्रजा की सेवा का व्रत लिया। उनके सिद्धांत और संदेश आज भी प्रासंगिक हैं और जब तक सृष्टि रहेगी, उनके विचार पूरी तरह से प्रासंगिक रहेंगे। महाराज अग्रसेन ने क्षत्रिय वंश में जन्म लेकर 12-13 साल की आयु में कुरुक्षेत्र के युद्ध में भाग लिया और पशु बलि को देख व्यथित होकर वैश्य धर्म को अपनाया। उनका मानना था कि देश में कोई गरीब नहीं रहना चाहिए। पीएम मोदी भी आज उनके सिद्धांतों पर चलते हुए अंत्योदय के सूत्र के अनुरूप समाज में अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए कृत संकल्प हैं। पीएम मोदी ने ही स्वच्छता को सेवा मानते हुए दो दिन पहले ही देशभर में जिस स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ किया, वह भी अग्रसेन महाराज के सिद्धांतों के ही अनुरूप है। आज अग्रसेन जयंती के साथ देश के प्रधानमंत्री के जन्मदिवस का भी सुंदर संयोग है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत राजा हैं और उनमें भी भगवान अग्रसेन की भांति सेवा भाव है। राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा आकार में छोटा होने के बावजूद देश का सर्वश्रेष्ठ प्रांत है। इसी पावन धरा से भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र की रणभूमि से मानव मात्र के कल्याण के लिए गीता का उपदेश दिया। विश्व में भारत की पहचान वेदों, उपनिषदों और संतों से हैं। संतों ने ये सभी ग्रंथ हरियाणा से बहने वाली सरस्वती नदी के किनारे बैठकर लिखे। उसी प्राचीन सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने का प्रयास वर्तमान सरकार कर रही है। इसी हरियाणा के पवित्र स्थल अग्रोहा से महाराजा अग्रसेन ने अपना राज-काज करते हुए सबको शांति से जीवन जीने का संदेश दिया। महाराजा अग्रसेन के प्रत्येक सिद्धांत को वर्तमान केंद्र और राज्य सरकारें लागू करने की दिशा में काम कर रही हैं। उद्योग एवं पर्यावरण मंत्री विपुल गोयल ने महाराज अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं दीं कि वैश्य समाज एक जाति नहीं, बल्कि समग्र संस्कृति व सोच है। इस समुदाय ने एक ईंट-एक रुपया के सिद्धांत का पालन करते हुए समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति के जीवन स्तर को ऊंचा उठाया। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग ने राज्यपाल और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि अखिल भारतीय सम्मेलन देशभर के 22 हजार अग्रवाल संगठनों का मिश्रण है, जो जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर समाज सेवा करता है। इसके माध्यम से हजारों शिक्षण संस्थाएं, मेडिकल कॉलेज और अन्य सेवा प्रकल्प समाज सेवा के काम में जुटे हुए हैं। सम्मेलन द्वारा 12 हजार गोशालाओं का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर गोपाल गोयल, राजेंद्र गुप्ता, सुशील सिंगल, रमेश अग्रवाल, वीरेंद्र अग्रवाल, प्रीतम अग्रवाल, प्रकाश चंद गोयल, जयप्रकाश केलका, राजेश गोयल, कुलभूषण गोयल, पवन गर्ग, नेहा मित्तल, नरेश सिंगल, आनंद सिंगला, रेखा गुप्ता, प्रेम मित्तल, अमित मित्तल, ध्रुव अग्रवाल, ओमप्रकाश, प्यारेलाल लाहौरिया, सीबी गोयल, दौलतराम गर्ग, जितेंद्र सांगी, संदीप सांगी, एमपी गोयल, खैराती लाल सिंगला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।