अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जिला प्रशासन शहर को 15 अगस्त तक कैटल फ्री करने का दावा कर रहा है, लेकिन अभी तक हजारों पशु सड़कों पर है। नगर निगम ने सीएम मनोहर लाल के आगमन की सूचना पर दो से तीन दिन तक केवल दिखावे के लिए पशु पकड़ने का अभियान जरूर चलाया, लेकिन उनके जाते ही अभियान बंद हो गया है।
डीसी निखिल गजराज ने हाल ही में सरकार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से वादा किया था कि 15 अगस्त तक शहर को वे कैटल फ्री कर देंगे। मगर हालात ऐसे हैं कि यह कर पाना संभव नहीं। सड़कों पर पहले से कहीं अधिक पशु घूमते नजर आ रहे हैं। रात को ये सड़कों के किनारे बैठ जाते हैं और आए दिन हादसे हो रहे हैं।
नहीं तैयार हुआ गो अभयारण्य
नगर निगम आज तक गो अभयारण्य भी तैयार नहीं करवा पाया है। कुछ पशुओं को एक बार गो अभयारण्य में शिफ्ट करने बारे प्रशासन ने तैयारी भी की थी, लेकिन वह भी धरी रह गई। ये सब ड्रामा सीएम के आने की सूचना पर था। अधिकारियों को डर था कि कहीं सीएम साहब गो अभयारण्य का दौरा न कर ले।
पांच से छह हजार पशु अभी भी शहर में
शहर में फिलहाल भी पांच से छह हजार पशु हैं। आउटर साइट में पशुओं की संख्या काफी है। नजदीक के गांव से पशु आ रहे हैं। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि अधिकतर पशु पकड़े जा चुके हैं, लेकिन जो सड़कों पर पशु नजर आ रहे हैं, वे मालिकों के हैं, जिन्हें वे खुला छोड़ देते हैं।
सीएम ने दिए थे निर्देश, 5100 रुपये लगाओ जुर्माना
हाल ही में सीएम ने हिसार में हुई मीटिंग के दौरान अधिकारियों को इसी संबंध में कहा है कि जो लोग अपने पशुओं को खुला छोड़ रहे हैं, उन पर जुर्माना लगाओ। उन्होंने कहा कि 51 सौ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा तो मालिकों को सबक मिलेगा।
हमारा प्रयास रहेगा कि 15 अगस्त तक शहर कैटल फ्री हो जाए। बरवाला, हांसी नारनौंद, अग्रोहा सहित अन्य जगहों पर तेजी से काम चल रहा है। शहर में भी पशु पकड़ने का अभियान चल रहा है। गोशाला वालों से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है। -अमरजीत मान, एडीसी
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सीएम के जाते ही लावारिस पशु पकड़ने का अभियान बंद