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हांसी में 11.50 करोड़ का गेहूं घोटाला

Wed, 05 Aug 2015 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार/सुरेंद्र दलाल
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जिले के हांसी में हुआ गेहूं घोटाला साढ़े 11 करोड़ रुपये का था। करीब तेरह महीने बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने हांसी में हुए गेहूं घोटाले की लॉसेज वैल्यू डिटेल रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी है, जिसमें यह खुलासा हुआ है। अब इस रकम को आरोपियों से वसूलने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
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बीते साल जून महीने में चंडीगढ़ की एक टीम ने हांसी में खाद्य आपूर्ति विभाग के गोदाम पर छापा मारा था। इसमें बड़ी मात्रा में गेहूं कम पाया गया। विभाग ने पहले चरण में करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के घोटाले का अनुमान लगाया था।

घोटाले की सही जानकारी के लिए विभाग के एक्सपर्ट ऑफिसर की एक कमेटी का गठन कर पूरी डिटेल रिपोर्ट तैयार करने का आदेश दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह बहुत लंबा काम था। रबी की फसल के आने के बाद स्टाक जांचने के बाद ही फाइनल रिपोर्ट तैयार हो सकी है।
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रिपोर्ट के अनुसार गोदाम से करीब 9 करोड़ 85 लाख रुपये का गेहूं गायब मिला। करीब 1 करोड़ 65 लाख रुपये का दूसरा सामान गायब पाया गया। करीब 30676 क्विंटल गेहूं गायब था।

इसमें 6.75 करोड़ रुपये का गेहूं 2012-13 की रबी की सीजन का गायब मिला। 22856 क्विंटल गेहूं स्टाक से गायब मिला, जिसकी कीमत करीब 3.10 करोड़ रुपये थी। 1.65 करोड़ रुपये की कीमत के 266 गांठ, 235 जूट बैग, 8 हजार 995 वुडन स्टैंड कैरेट तथा 448 तिरपाल भी गायब मिले।

यह है मामला
हांसी सिटी पुलिस ने 30 जून 2014 को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के नियंत्रक डॉ. घनश्याम के बयान पर निरीक्षक जसवंत जाखड़, विपिन कुमार तथा महेंद्र ढांडा के खिलाफ गबन का मामला दर्ज किया था।

इन तीनों पर 46 हजार 246 गेहूं के बैग, 266 गांठ, 235 जूट बैग, 8 हजार 995 वुडन स्टैंड कैरेट तथा 448 तिरपाल का गबन करने का आरोप लगाया गया था।

यह मामला 2012 से 2014 तक के गोलमाल से जुड़ा हुआ माना गया था। पुलिस एफआईआर में नामजद किए गए तीनों अधिकारी उस वक्त हांसी में कार्यरत थे। एफआईआर दर्ज होने के बाद तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए थे।

पांच करोड़ तक का लगाया था अनुमान
हांसी में 30 जून 2014 को विभाग के गोदामों का फिजिकल वेरिफिकेशन करने के बाद अपनी प्राथमिक रिपोर्ट में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एनके मित्तल ने गबन की वैल्यू करीब 5 करोड़ तक होने का अंदेशा जताया था। आरोपी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश दे दिए गए थे।

1.36 लाख की खा गए सल्फास
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी गेहूं, बैग, वुडन कैरेट तो छोड़िए सल्फास भी खा गए। करीब एक लाख 36 हजार रुपये की सल्फास भी गायब मिली है। यह सल्फास खुले बाजार में बेची गई।

गायब गेहूं  30676 क्विंटल
नुकसान 6.75 करोड़
खराब हुआ गेहूं 22856 क्विंटल
नुकसान 3.10 करोड़
गेहूं का कुल नुकसान : 9.85 करोड़
गांठ, जूट बैग, वुडन स्टैंड कैरेट, तिरपाल  से नुकसान - 1.65 करोड़
वुडन कैरेट से नुकसान 46 लाख
पॉलीथिन बैग 1.16 लाख
खाली बैग  से नुकसान  67
जूट के बैग 5.31 लाख
तिरपाल  34 लाख रुपये
सल्फास  1.36 लाख रुपये

करीब साढ़े 11 करोड़ रुपये का लॉस होने की रिपोर्ट मुख्यालय को मिली है। रिपोर्ट के आधार पर यह रकम तीनों आरोपियों से वसूली जाएगी। इसके लिए इन तीनों की जमीन, प्रॉपर्टी, सैलरी, पीएफ सहित अन्य बैंक खाते अटैच किए जाएंगे। आरोपियों के खिलाफ क्रिमिनल केस अलग से चलता रहेगा।
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- जयपाल सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, फूड एवं सप्लाई डिपार्टमेंट, चंडीगढ़
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