बरसात के दौरान दिल्ली रोड से गुजरते हैं वाहन चालक।
हिसार। सावन के महीने में भी लोगों को बारिश के लिए तरसना पड़ रहा है। जून, जुलाई के बाद अब अगस्त का पहला सप्ताह भी मामूली बारिश में ही बीत रहा है। पिछले दो दिन में हिसार शहर में 11.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। कम बारिश ने उमस का स्तर बढ़ा दिया है।
इस बार मानसून का करीब आधा हिस्सा बीत जोन के बाद भी हिसार शहर बारिश का इंतजार कर रहा है। सावन में अच्छी बारिश की उम्मीद रहती है लेकिन इस बार का सावन लोगों की उम्मीदों के अनुसार बारिश नहीं हुई। सावन के पहले तीन दिन सूखे बीते थे। चौथे व पांचवे दिन हल्की बारिश ही हो सकी।
मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को 4.4 एमएम बारिश हुई थी। मंगलवार को 7 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। मंगलवार दोपहर के समय बारिश हुई जिसमें पुराने शहर के क्षेत्र में बारिश थोड़ी अधिक रही। आजाद नगर एरिया में बारिश कम रही। हिसार जिले के गांवाें में झमाझम बारिश दर्ज की गई।
बारिश के बाद कीचड़ का साम्राज्य
बारिश के बाद जवाहर नगर की मेन गली में कीचड़ ही कीचड़ हो गया। पिछले करीब छह महीने से इस गली के निर्माण का काम अधूरा है। बारिश के मौसम में यहां कीचड़ होने के बाद लोगों का पैदल निकलना भी दूभर हो गया है। कई लोगों के वाहन कीचड़ में फंस गए। ओल्ड कोर्ट कांप्लेक्स की सड़क पर भी कीचड़ व जलभराव होने से लोगाें को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कम बारिश से खेती को नुकसान
हिसार जिले में मानसून आगमन से अब तक की बात करें तो अब तक 38 प्रतिशत बारिश कम हुई है। उमस अधिक होने से लोगों को एसी चलाने को मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश कम होने के चलते बिजाई का काम भी प्रभावित हुआ है। इस बार कपास, धान, बाजरा की 25 प्रतिशत तक बिजाई कम हुई है। धान की बिजाई करने वाले किसानों को फसल की सिंचाई के लिए ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ रहा है जिससे उनका खर्चा बढ़ रहा है।