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शहर में जगह-जगह हो रही अवैध पार्किंग, जाम का बन रही कारण

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हिसार। शहर में जगह-जगह हो रही अवैध पार्किंग जाम का कारण बन रही है। इसके कारण सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल से लेकर जिंदल पुल तक सड़क पर गाडिय़ां इस कदर खड़ी कर दी जाती हैं कि वे जाम का सबब बनती हैं। लोग सड़क पर आड़ी-तिरछी गाड़ी पार्क करके अपने काम को निकल जाते हैं और घंटो गाड़ी वहीं खड़ी रहती है तथा जाम का कारण बनती है। खास बात यह है कि जिला ट्रैफिक पुलिस शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।
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सबसे ज्यादा बुरा हाल नागौरी गेट, मॉल रोड, कैंप चौक, विद्युत नगर के सामने, नागरिक अस्पताल के सामने, क्लॉथ मार्केट के पास, पारजिात चौक, गुरुद्वारा सिंह सभा के पास का है। नागरिक अस्पताल से जिंदल पुल का मार्ग ऐसा मार्ग, जिस पर शहर के प्रत्येक नागरिक दिन में कम से कम एक बार अवश्य गुजरना होता है। यह इतना व्यस्त है कि इस पर दिनभर में लगभग 70 हजार छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। सिविल अस्पताल से जिंदल पुल तक सड़क के दोनों ओर गाडिय़ां इस तरह आड़ी-तिरछी खड़ी की जाती हैं कि वे सड़क के दोनों ओर के 30 से 40 प्रतिशत हिस्से को घेर लेती हैं। इस कारण सड़क से चलने वाले वाहनों को बेहद कम जगह मिल पाती है और जाम लग जाता है। यह स्थिति कमोबेश हर रोज रहती है।

ट्रैफिक पुलिस का नहीं कोई ध्यान
शहर की इस अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए ट्रैफिक पुलिस का कोई ध्यान नहीं है। हालांकि जब शहर में कोई वीआईपी, मंत्री, मुख्यमंत्री आदि आना होता है तो अचानक से ट्रैफिक पुलिस सक्रिय हो जाती है और नागरिक अस्पताल से जिंदल पुल तक के मार्ग पर सड़क पर किसी भी ओर कोई गाड़ी खड़ी नजर नहीं आती।
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खुद बुरा लगता है, दूसरे को सीख देते हैं
खास बात यह है कि जो लोग दूसरों द्वारा आड़ी-तिरछी पार्क की गई गाड़ियों के कारण जाम में फंसते हैं वे अकसर ऐसे लोगों को समझदारी अपनाने की सीख देते नजर आते हैं, लेकिन जब वे बाजार में निकलते हैं तो खुद भी अपनी गाड़ी यहां-वहां खड़ी करके स्वयं की सीख को भूल जाते हैं।

अकसर होते हैं झगड़े
गाड़ियों के बेतरतीब खड़ा होने से वाहन चालकों में अकसर छोटे-मोटे झगड़े भी होते रहते हैं। आमतौर पर देखा गया है कि जब कोई गाड़ी आगे खड़ी होती है और उसके पीछे कोई दूसरी गाड़ी खड़ी कर जाता है तो उस गाड़ी के निकलने का रास्ता नहीं बचता। ऐसे में आगे खड़ी गाड़ी वाले को पीछे की गाड़ी हटने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार यह इंतजार लंबा हो जाता है तो ऐसे में वाहन चालकों के बीच झगड़े की नौबत भी आ जाती है।

एंबुलेंस भी फंस जाती हैं जाम में
जाम की स्थिति इतनी भयंकर होती है कि अकसर इस जाम में एंबुलेंस तक फंस जाती हैं। पारिजात चौक से बस स्टैंड तक हररोज जाम लगता है और सुबह सरकारी कार्यालयों के समय और दोपहर को स्कूलों की छुट्टी के समय तो यहां गाड़ियां सरक-सरक कर चलती हैं और इन सबका कारण रोड के दोनों तरफ सड़क पर खड़ी की जाने वाली गाड़ियां हैं।

शहर में बेतरतीब या नो पार्किंग जोन में खड़े वाहनों के अकसर चालान काटते हैं। फिलहाल हमारे पर गाड़ी को उठा कर ले जाने के लिए छोटी और हाइड्रोलिक क्रेन नहीं है। क्रेन पास हो गई है, बजट मिलते ही क्रेन मिल जाएगी। हालांकि कभी-कभार किराए पर क्रेन लेकर नो-पार्किंग की गाड़ियों को उठाया जाता है, लेकिन वह क्रेन महंगी पड़ती है, इसलिए हररोज नहीं ले सकते। शहर के लोगों को अपनी स्मार्ट सोच के साथ ट्रैफिक सेंस डेवलप करनी होगी ताकि दूसरों को भी परेशानी न हो और शहर भी साफ-सुथरा नजर आए।
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- शमशेर सिंह, ट्रैफिक एसएचओ, हिसार।
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