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दूषित खाने मामले की कमेटी करेगी जांच

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
सिविल अस्पताल में ट्रेनिंग के दौरान खाना खाने से करीब 30 आशा वर्करों की तबीयत खराब होने के मामले की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी। कमेटी में डिप्टी सीएमओ डॉ. रतना भारती, डिप्टी सीएमओ डॉ. जितेंद्र कुमार और आशा कोर्डिनेटर जगत बिसला शामिल हैं। तीनों की टीम मामले की जांच करेगी और उसके बाद जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंपी जाएगी। उसके बाद आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग द्वारा अमल में लाई जाएगी।
आशा वर्कर यूनियन की जिला प्रधान सुनीता भाटोल ने शनिवार को बताया था कि सिविल अस्पताल में 20 फरवरी से ट्रेनिंग चल रही है। उनको लंच टाइम में पैकिंग का खाना दिया जाता है। इसके साथ पूरे दिन में दो चाय दी जाती हैं। शुक्रवार को लंच करने के बाद कई आशा वर्कर की तबीयत बिगड़ने लगी। सीसवाल सीएचसी से आशा वर्कर कविता को एमरजेंसी में एडमिट कराना पड़ा। इसके अलावा कई आशा वर्करों की तबीयत भी खराब हुई। आशा वर्करों का आरोप है कि खाने की क्वालिटी काफी घटिया है। तबीयत खराब होने के बाद कई आशा वर्कर अपने घर से लंच लेकर आने को विवश हैं।
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प्राथमिक उपचार की ले रही हैं ट्रेनिंग
आशा वर्कर सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार की ट्रेनिंग ले रही हैं। यह ट्रेनिंग 20 फरवरी से शुरू हुई थी। ट्रेनिंग में 60 आशा वर्कर भाग ले रही हैं। इसके अलावा स्टाफ नर्स व एएनएम की भी ट्रेनिंग चल रही है। शनिवार को 30 से अधिक आशा वर्करों की तबीयत खराब हुई थी। मामले की जांच बनाई गई कमेटी करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।

पैकिंग खाने से आशा वर्करों की तबीयत खराब होने के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी की रिपोर्ट पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सीएमओ, हिसार।

डिप्टी सीएमओ की कमेटी बताएगी क्यों बिगड़ी आशा वर्करों की तबीयत
खराब खाना मिलने पर 30 आशा वर्करों की तबीयत बिगड़ने का मामला
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