अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सर्द मौसम की पहली बारिश गेहूं की फसल के लिए मौसम वैज्ञानिक अमृत मान रहे हैं। लगभग पूरे प्रदेश में कहीं हल्की तो कहीं तेज और रुक-रुककर हो रही बारिश से गेहूं के लिए बड़ी फायदेमंद है। एचएयू के वैज्ञानिकों का मानना है कि इस बारिश से सामान्य उत्पादन से पांच प्रतिशत अधिक पैदावार बढ़ने के आसार हैं। मौसम में आए बदलवा से सोमवार को देर रात तक जिले में आठ एमएम बारिश हुई। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। तापमान में गिरावट और बारिश दोनों ही गेहूं-जौ की फसल के लिए फायदेमंद है।
प्रदेश में है 25 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं
प्रदेश में इस बार 25 लाख हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल है। एचएयू के कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि पांच प्रतिशत पैदावार भी बढ़ेगी तो प्रदेश की पैदावार में बड़ा इजाफा होगा। जिन किसानों ने 20-21 नवंबर तक गेहूं की बिजाई की थी, उन्हें पहला पानी 25 दिन में देना होता है। उन किसानों और उनकी गेहूं की फसल के लिए ये बारिश फायदे वाली है।
अगले दो दिनों तक रहेगा मौसम में बदलाव
भारतीय मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अगले दो दिनों तक मौसम में बदलाव रहेगा। इस कारण मंगलवार को हिसार में अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश व तेज हवाएं चलने से अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया। रात में तापमान 12.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सर्दी की पहली बारिश 20 नवंबर तक गेहूं की गई अगेती बिजाई के लिए वरदान साबित होगी। इस बारिश से गेहूं, जौ, सरसों की फसल में फुटाव अच्छा होगा। गेहूं की फसल में पांच प्रतिशत तक पैदावार बढ़ने के आसार हैं।
- एसके सेठी, हेड गेहूं विभाग एचएयू